ऊंचे प्रीमियम वाले ULIPs पर अब नहीं मिलेगी टैक्स छूट, इक्विटी म्यूचुअल फंड की तरह लगेगा टैक्स, बदल गए नियम


नई दिल्ली: ULIP Taxation: सरकार ने ऊंचे प्रीमियम वाले यूनिट लिंक्ड इंश्योरेंस पॉलिसीज (ULIPs) के लिए नियमों में बदलाव किया है. लोकसभा में मंगलवार को कई संशोधनों के साथ पास हुए Finance Bill 2021 ULIPs को लेकर भी कुछ प्रावधान किए गए हैं. इन बदलावों का असर उन लोगों पर पड़ेगा जो बड़ी रकम ULIP में लगाते हैं. अब उन्हें इक्विटी म्यूचुअल फंड्स के बराबर टैक्स देना होगा. 

हाई प्रीमियम वाले ULIP पर सख्ती!

संशोधित फाइनेंस बिल में कहा गया है कि हाई प्रीमियम वाले ULIPs पर न्यूनतम इक्विटी होल्डिंग की शर्तें लागू होंगी. वास्तविक फाइनेंस बिल में कहा गया था कि 2.5 लाख रुपये से ज्यादा सालाना प्रीमियम वाले ULIP में आयकर अधिनियम, 1961 की धारा 10 (10) (D) के तहत मैच्योरिटी पर टैक्स छूट का फायदा नहीं मिलेगा. 

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इक्विटी म्यूचुअल फंड के बराबर टैक्स लगेगा

संशोधित नियमों के मुताबिक ULIP पर इक्विटी म्यूचुअल फंड (Equity Mutual Funds) के बराबर टैक्स लगेगा. कैपिटल गेंस टैक्स की जहां तक बात है तब ऐसी स्थिति में इन ऊंचे प्रीमियम वाले ULIPs को न्यूनतम इक्विटी थ्रेशहोल्ड को पूरा करना होगा, तब इन्हें इक्विटी म्यूचुअल फंड की तरह माना जाएगा. इस मिनिमम थ्रेशहोल्ड लिमिट को इंश्योरेंस पॉलिसी के पूरे टर्म के दौरान बनाए रखना होगा.

थ्रेशहोल्ड लिमिट तय की गई

संशोधित फाइनेंस बिल के मुताबिक ऐसे ULIP अगर इक्विटी में सीधे निवेश करते हैं तो उनका 65 परसेंट असेट शेयर मार्केट में होना चाहिए. अगर वे ETFs जैसे इंस्टूमेंट्स के जरिए इक्विटी में सीधे निवेश नहीं करते हैं तो उनके असेट्स का 90 परसेंट इक्विटी में होना चाहिए. अगर वो इन शर्तों को पूरा करने में नाकाम रहते हैं तो उनसे मिलने वाला कैपिटल गेंस किसी और असेट से मिलने वाला कैपिटल गेंस माना जाएगा. फिर अगर इसे 3 साल से कम समय के लिए रखा तो इस पर टैक्स लगेगा, लंबी अवधि तक होल्ड करके रखने पर उसमें इंडेक्सेशन के साथ 20 परसेंट का टैक्स देना होगा.  

बजट में क्या हुआ था एलान

बजट 2021 में कहा गया था कि अगर आप यूलिप में एक साल में 2.5 लाख रुपये से ज्‍यादा के प्रीमियम का भुगतान करते हैं तो सेक्‍शन 10 (10डी) के तहत उपलब्‍ध टैक्‍स एग्‍जेम्‍पशन हटा दिया गया है. यह नियम मौजूदा यूलिप पर लागू नहीं होगा. सिर्फ इस साल 1 फरवरी के बाद बेची गई पॉलिसियों पर ही यह प्रभावी होगा. इन पर हुए कैपिटल गेंस पर उसी तरह से टैक्स लगेगा, जैसे कि इक्विटी ओरिएंटेड म्यूचुअल फंड पर लगाया जाता है. यानी इन पर 10 फीसदी टैक्स लगेगा.

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