August 2, 2021

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चुनाव से पहले ही ममता बनर्जी को लगा CM योगी से डर, शिकायत करने पहुंची EC


नई दिल्ली/कोलकाता: बंगाल में चुनाव प्रचार तेजी से हो रहा है. टीएमसी, बीजेपी और दूसरी पार्टियां बंगाल के रण को जीतने के लिए खूब पसीना बहा रही हैं. इस बीच बंगाल की सीएम ममता को डर निकलकर सामने आया है. ममता दीदी को हार का अभी से सताने लगा है, जबकि अभी एक भी फेज की न तो वोटिंग हुई और न ही नतीजे सामने आए हैं. ममता बनर्जी को यह डर किसी से नहीं बल्कि उत्तर प्रदेश के सीएम योगी आदित्यनाथ से लग रहा है.

बिहार, हैदराबाद का ‘भाग्य’ बदलने के बाद ममता के गढ़ को फतह करने को योगी तैयार

पश्चिम बंगाल में योगी आदित्यनाथ के चुनाव प्रचार से डरकर सीएम ममता बनर्जी चुनाव आयोग के पास पहुंच गई हैं. उन्होंने सीएम योगी के खिलाफ चुनाव से गुहार लगाई है. ममता बनर्जी की पार्टी टीएमसी की पार्टी तृणमूल कांग्रेस ने चुनाव आयोग को पत्र लिखा है. बंगाल चुनाव में उत्तर प्रदेश “आर्म्ड फोर्स” की 30 कम्पनियों की तैनाती पर टीएमसी ने चुनाव आयोग से शिकायत की है. 

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क्या लिखा है पत्र में?
पत्र में कहा गया कि “उत्तर प्रदेश सशस्त्र बलों की बंगाल में तैनाती चुनाव को प्रभावित कर सकती है, क्योंकि यूपी के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ बीजेपी के स्टार कैम्पेनर हैं, लिहाजा उत्तर प्रदेश आर्म्ड फोर्स चुनाव को प्रभावित कर सकती है, चुनाव में परिणाम बीजेपी के पक्ष में करने के प्रयास हो सकते हैं. हालांकि इस पर अभी चुनाव आयोग ने किसी भी तरह का रिएक्शन नहीं दिया है. 

आज पीएम मोदी की बंगाल में रैली थी, जिसमें एक अलग ही नजारा देखने को मिला.

जहां-जहां गए योगी, वहां-वहां खिला कमल
आपको बता दें कि योगी आदित्यनाथ बीजेपी के स्टार प्रचारकों की लिस्ट में शामिल हैं. उनकी बंगाल और असम में कुछ रैली हो चुकी हैं और कुछ बाकी हैं. मोदी ने जब बंगाल के मालदा में रैली करने पहुंचे तो हजारों की संख्या में लोग उन्हें देखने-सुनने आए. योगी की हिंदूवादी छवि के कारण बंगाल में उनकी खूब डिमांड है. यही कारण है कि बीजेपी योगी के सहारे बंगाल फतह करने की सोच रही है. बीजेपी का मानना भी बिलकुल ठीक है क्योंकि योगी आदित्यनाथ का सक्सेस रेट बहुत ज्यादा है. वो जिन-जिन चुनावों में प्रचार करने गए वहां बीजेपी को अच्छी खासी जीत मिली. 

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बिहार चुनाव में 70 फीसदी जीत का स्ट्राइक रेट
विभिन्न प्रदेशों में हुए विधानसभा और दूसरे चुनावों में बीजेपी ने सीएम योगी को स्टार प्रचारकों में रखा था. बिहार चुनाव के पहले चरण से लेकर तीसरे और आखिरी चरण तक योगी आदित्यनाथ ने 6 दिनों में कुल 18 चुनावी रैलियां की थी. वो हर दिन तीन रैलियां करते थे. जब नतीजे आए तो सभी को चौंका दिया था. योगी आदित्यनाथ ने जिन 18 विधानसभाओं में रैलियां की थीं उनमें से 13 पर भाजपा को जबरदस्त जीत मिली थी. इसमें से एक सीट सहयोगी जेडीयू को भी मिली थी. यानी योगी आदित्यनाथ का स्ट्राइक रेट 70 फीसदी से भी ज्यादा रहा था.

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यूपी विधानसभा उपचुनाव में भी चला जादू
बिहार के साथ यूपी की सात विधानसभा सीटों पर उपचुनाव हुए थे. बिहार में चुनावी रैलियों से समय निकालकर योगी आदित्यनाथ ने इन सीटों पर भी जनसभाएं की थीं. नतीजा ये रहा कि 7 में 6 सीटों पर बीजेपी का झंडा बुलंद हुआ.

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हैदराबाद में कहा था- इसे भाग्यनगर कर देंगे
पिछले साल नवंबर में हुए ग्रेटर हैदराबाद नगर निगम के चुनाव में बीजेपी ने जबरदस्त प्रदर्शन किया था. उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने चुनाव में जमकर प्रचार किया था. उन्होंने हैदराबाद का नाम ‘भाग्यनगर’ करने की बात भी कही थी. योगी की इस रैली का असर यह हुआ था इस नगर चुनाव में बीजेपी बड़ी पार्टी रूप में उभरी थी. बीजेपी ने 149 में 48 सीटों पर जीत दर्ज की थी. जबकि टीआरएस को 55 सीटें मिली थीं. इससे पहले बीजेपी इस नगर निगम में दहाई का आंकड़े तक भी नहीं पहुंचती थी. योगी के प्रचार के ग्रेटर हैदराबाद के लोगों ने जमकर उन पर अपना प्यार लुटाया था. 





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