देश में Corona के 771 वेरिएंट, अब इम्‍युनिटी भी नहीं कर पा रही वायरस से बचाव


नई दिल्‍ली:  देश में कोरोना (Coronavirus) के मामले तेजी से बढ़ रहे हैं और ऐसे में सवाल उठ रहा है कि क्‍या कोरोना के मामले बढ़ने की वजह वायरस का म्यूटेशन (Coronavirus Mutation) है.  देश में अब तक कोरोना वायरस के 771 वेरिएंट (Coronavirus Variant) पाए गए हैं. वायरस डबल अटैक कर रहा है जिसकी वजह से कोरोना संक्रमण तेजी से फैल रहा है. अब इम्‍युनिटी (Immunity) भी कोरोना से बचाव नहीं कर पा रही. 

कोरोना के 771 वेरिएंट पकड़ में आए

स्वास्थ्य मंत्रालय ने 10 नेशनल लैब्स का एक ग्रुप बनाया था. ये ग्रुप कोरोना वायरस के अलग-अलग वेरिएंट यानी प्रकार की जीनोम सिक्वेंसिंग कर रहा है. भारत में कोरोना वायरस के 10 हजार 787 सैंपल टेस्ट करने पर 771 अलग-अलग वेरिएंट पकड़ में आए हैं. इनमें से 736 सैंपल यूके यानी ब्रिटेन कोरोना वायरस वेरिएंट वाले हैं. वहीं 34 सैंपल साउथ अफ्रीका और 1 सैंपल ब्राजील वाले कोरोना वेरिएंट का है. 

ज्‍यादा तेजी से म्‍यूटेट कर रहा वायरस

ये सभी उन लोगों के सैंपल थे जो अंतरराष्ट्रीय यात्रा करके आए थे या ऐसे लोगों के संपर्क में आए लोग थे. जांच में एक अहम बात ये भी पता चली है कि दिसंबर 2020 की तुलना में अब वायरस ज्यादा म्यूटेट कर रहा है. इस म्यूटेशन से बने हुए वायरस संक्रमण तेजी से फैला रहे हैं और इन पर इम्युनिटी का असर भी कम हो रहा है. जिसका मतलब है कि वायरस अब डबल अटैक कर रहा है.   

 771 सैंपल में से 20 प्रतिशत वायरस म्यूटेशन वाले 

जांच के लिए भेजे गए कुल 771 सैंपल में से 20 प्रतिशत वायरस इसी तरह के म्यूटेशन वाले पाए गए हैं.  इन्हें variants of concerns यानी चिंताजनक माना गया है. केरल के सभी 14 जिलों से 2032 सैंपल की सीक्‍वेसिंग की गई है. इनमें 11 जिलों के 123 सैंपल ऐसे मिले हैं, जिन पर व्यक्ति की इम्युनिटी का असर नहीं होता. आंध्र प्रदेश के कुल सैंपल में से 33 प्रतिशत सैंपल ऐसे ही हैं. 

तेलंगाना में 104 में से 53 सैंपल में ऐसा वायरस पाया गया है. देश के 16 राज्‍यों में ऐसा ही वेरिएंट पाया गया है. हालांकि स्वास्थ्य मंत्रालय के मुताबिक, भारत में कोरोना के मामलों में तेजी आने की ये वजह है या नहीं, इसे समझने के लिए और स्टडी की जरूरत है, जो की जा रही है.  



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