August 2, 2021

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UP में अजान के बाद अब बुर्के पर विवाद, मंत्री के कहा-भरोसे में लेकर सरकार लगाएगी प्रतिबंध


संभल: उत्तर प्रदेश में अजान के बाद अब बुर्के पर विवाद शुरू हो गया है. यूपी के संसदीय कार्य राज्य मंत्री आनन्द स्वरूप शुक्ल के विवादित बयान के बाद एक के बाद एक कई लोग अपनी प्रतिक्रिया दे रहे हैं. इसी बीच यूपी सरकार में माध्यमिक शिक्षा राज्य मंत्री गुलाब देवी भी इसमें कूद पड़ी हैं. उन्होंने अपने बयान में कहा है कि सरकार सभी को विश्वास में लेकर बुर्के पर प्रतिबंध लगाएगी. इस दौरान उन्होंने लाउडस्पीकर से होने वाली अजान को भी गलत ठहराया.

बुर्का प्रतिबंधित करने का कदम उठाएगी सरकार
राज्य मंत्री गुलाब देवी ने कहा कि मुस्लिम महिलाएं बुर्का पहनें या न पहनें, यह उनके मजहब का मामला है. लोकतंत्र में सभी को अपनी स्वतंत्रता का अधिकार है. देश में सबका साथ ,सबका विकास और सबका विश्वास लेकर काम करने वाली सरकार है. उन्होंने आगे कहा कि सरकार सभी को विश्वास में लेकर ही बुर्का प्रतिबंधित करने का कदम उठाएगी. सरकार मुस्लिम महिलाओं को शोषण और मानसिक उत्पीड़न से मुक्ति के लिए लगातार काम कर रही है. सरकार ने ट्रिपल तलाक कानून लाकर मुस्लिम महिलाओं को शारीरिक शोषण और मानसिक शोषण से मुक्ति दिलाने का बड़ा काम किया है.

लाउडस्पीकर से अजान को भी ठहराया गलत
राज्य मंत्री ने लाउडस्पीकर से अजान को भी गलत ठहराया. उन्होंने कहा,”कोई भी पक्ष हो यदि किसी धार्मिक कार्य से शांति भंग होती है तो यह इंसानियत और मानवता नहीं है. अजान के लिए मस्जिदों पर पांच-पांच लाउडस्पीकर लगाकर शोर-शराबा कर शांति भंग करेंगे तो पुलिस कार्रवाई करेगी.

विपक्ष पर भी बोला हमला
इस दौरान गुलाब देवी ने प्रदेश में भूमाफियाओं के खिलाफ चलाए जा रहे अभियान के खिलाफ बयान बाजी करने वाले विपक्षी नेताओं पर भी हमला बोला. उन्होंने बिना नाम लिये विपक्षी नेताओं पर हमला बोलते हुए कहा,”नेता हो या अभिनेता या आम आदमी अवैध कब्जे करने वालों के खिलाफ अभियान जारी रहेगा. भू-माफियाओं को बचाने के लिए कोशिश करने वाले भी नहीं बचेंगे. न ही सुरक्षित रहेंगे. सबका नंबर आएगा. मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ सबका इलाज करेंगे.”

क्या है पूरा मामला?
गौरतलब है कि बुधवार को यूपी के संसदीय कार्य राज्य मंत्री आनंद स्वरूप शुक्ल ने विवादित बयान देते हुए बुर्के को अमानवीय व्यवहार और कुप्रथा करार दिया. उन्होंने कहा कि देश में तीन तलाक की तर्ज पर ‘मुस्लिम महिलाओं को बुर्के से भी मुक्ति दिलाई जाएगी. उन्होंने दावा किया कि अनेक मुस्लिम देशों में बुर्के पर पाबंदी है. यह अमानवीय व्यवहार और कुप्रथा है. आनंद स्वरूप शुक्ल ने इसके साथ ही कहा कि विकसित सोच वाले लोग ना तो बुर्का पहन रहे हैं और ना ही इसे बढ़ावा दे रहे हैं. वहीं, इससे पहले मंत्री ने मस्जिदों में लाउडस्पीकर की ध्वनि नियंत्रित करने और लाउडस्पीकर को हटाने के लिए जिलाधिकारी को पत्र लिखा था.

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