मुख्यमंत्री नीतीश कुमार ने दी बड़ी सौगात, राजगीर में नेचर सफारी का किया लोकार्पण


Patna: मुख्यमंत्री नीतीश कुमार ने आज फीता काटकर एवं शिलापट्ट का अनावरण कर नेचर सफारी का लोकार्पण कर बिहारवासियों को बड़ी सौगात दी. लोकार्पण के पश्चात निरीक्षण के क्रम में मुख्यमंत्री ने नेचर सफारी के रिसेप्शन रूम, ग्लास स्काई वाक काउंटर, डिजिटल एंट्री गेट आदि के संबंध में अधिकारियों से जानकारी ली.

ग्लास स्काई वाक भी शुरू किया
इस दौरान ग्लास स्काई वाक का रिबन काटकर मुख्यमंत्री ने उद्घाटन किया. इस दौरान मुख्यमंत्री ने अधिकारियों को निर्देश दिया कि सुरक्षा के दृष्टिकोण से एक बार में सीमित संख्या में ही पर्यटकों को सस्पेंशन ब्रिज पर जाने की अनुमति मिले. नेचर सफारी परिसर स्थित नेचर कैम्प का रिबन काटकर उद्घाटन करने के बाद मुख्यमंत्री ने वहां पौधरोपण किया. 

शूटिंग रेंज, आर्चरी शूटिंग रेंज का शुभारंभ
नेचर सफारी का अवलोकन करने के क्रम में मुख्यमंत्री ने रोप साइकिलिंग, जीप लाइन, रक क्लाइम्बिंग, राइफल शूटिंग रेंज एवं आर्चरी शूटिंग रेंज का शुभारंभ किया. नेचर सफारी और घोड़ाकटोरा पार्क के निर्माण में अहम योगदान देने के लिए वन प्रमंडल पदाधिकारी नालंदा नेशामणि के सहित नेचर सफारी एवं घोड़ाकटोरा पार्क के वनारक्षियों तथा वनपालों को मुख्यमंत्री ने प्रशस्ति पत्र प्रदान कर उन्हें सम्मानित किया.

3 वर्षों में बन कर तैयार
सीएम ने कहा कि नेचर सफारी को लेकर योजना बनाई गयी और 3 वर्षों के अंदर इसका निर्माण कार्य पूरा कर लिया गया. उन्होंने कहा कि दो-ढाई महीने पहले हम नेचर सफारी के निर्माण कार्य का निरीक्षण करने आए थे. उस समय हमने ग्लास स्काई वक की सुरक्षा को लेकर भी कई सुझाव दिए थे. उन्होंने कहा कि नेचर सफारी को देखने नई पीढ़ी की बच्चे-बच्चियां काफी तादाद में आएंगी. नेचर सफारी में दोनों तरफ से सुरक्षा के पुख्ता इंतजाम किए गए हैं, ताकि लोग सुरक्षित घूम सकें. नेचर सफारी दिन भर खुला रहेगा. लोग टिकट लेकर इसको देखने आएंगे. घूमने आने वाले लोगों को लौटते समय उनके घूमने की तस्वीर भेंट की जाएगी. 

सभी तरह की सुविधाएं
मुख्यमंत्री ने कहा कि नेचर सफारी में ग्लास स्काई वक और सस्पेंशन ब्रिज का भी निर्माण किया गया है. नेचर सफारी आने वाले पर्यटक इन दोनों का आनंद उठा सकते हैं. ग्लास स्काई वक इस देश में पहला है. देश-दुनिया में इसको लेकर चर्चा हुई है. लोगों को खुशी हुई है कि देश का पहला ग्लास स्काई वक बिहार के राजगीर में बना है. नेचर सफारी में लोगों के लिए सभी तरह की सुविधा के इंतजाम किए गए हैं.

जीप, साइकिल, पैदल सब व्यवस्था
नीतीश कुमार ने कहा कि नेचर सफारी में जीप लाइन के माध्यम से लोग एक छोर से दूसरे छोर तक जाएंगे. जीप लाइन पर साइकिल का भी इंतजाम किया गया है. पर्यटक यहां पैदल और साइकिल से भी घूम सकते हैं. यहां साइकिल का भी प्रबंध किया जाएगा ताकि साइकिल से भी चारों तरफ के एरिया को घूम सकें. नई पीढ़ी के लोगों के खेलने का भी यहां इंतजाम किया गया है. 

पूरा एरिया 8 किलोमीटर से ज्यादा
घूमने आने वाले लोगों के खाने-पीने के लिए भी इंतजाम किए गए हैं. नेचर सफारी का पूरा एरिया 8 किलोमीटर से ज्यादा का है. नेचर सफारी को लोग देखने आएंगे. पर्यावरण को लेकर नई पीढ़ी के लोगों में इससे जागृति आएगी. यहां खाली जगहों पर वृक्षारोपण किया गया है. उन्होंने कहा कि घोड़ाकटोरा का भी विस्तार किया गया है. घोड़ाकटोरा में भगवान बुद्ध की सुंदर प्रतिमा लगी है. हर प्रकार की चीजों का इंतजाम किया गया है. कोई गाड़ी लेकर वहां नहीं आ सकता है. यहां लोग तांगे से ही आ-जा सकते हैं. अब काफी तादाद में पर्यटक घोड़ाकटोरा आ रहे हैं. 

जू सफारी का बाकी काम कुछ महीनों में
मुख्यमंत्री ने कहा कि जू सफारी में जानवरों के लाने का सिलसिला शुरू हो गया है. जू सफारी का बाकी काम कुछ महीनों में पूरा कर लिया जाएगा. जल्द ही इसका भी लोकार्पण किया जाएगा. मुख्यमंत्री ने कहा कि पर्यावरण संरक्षण को लेकर बिहार में जल-जीवन-हरियाली अभियान चलाया जा रहा है. उसी को ध्यान में रखते हुए अनेक जगहों पर इस तरह के काम किए जा रहे हैं. उन्होंने कहा कि राजगीर में वेणु वन तैयार हो गया है. बिहार में पर्यटकों को आकर्षित करने के लिए बहुत काम किए गए हैं. 

पर्यटकों की संख्या में काफी इजाफा
बिहार आने वाले पर्यटकों की संख्या में काफी इजाफा हो रहा है. पूरे देश से 2 करोड़ से भी ज्यादा पर्यटक बिहार में आते हैं. इसके अलावा विदेश से भी 10 लाख से ज्यादा पर्यटक बिहार आते हैं, जिनमें सबसे ज्यादा राजगीर, गया, बोधगया और वैशाली आते हैं. उन्होंने कहा कि कोरोना के मामले फिर से बढ़ रहे हैं. इससे हम सबको सतर्क और सचेत रहने की जरुरत है. कोरोना से मुक्ति मिलने के बाद पर्यटकों की संख्या और ज्यादा बढ़ेगी. 

पर्यटन को बढ़ावा देने के लिए लगातार काम
मुख्यमंत्री ने कहा कि पर्यटन को बढ़ावा देने के लिए हमलोग लगातार काम कर रहे हैं. पर्यटक स्थलों का भी विकास किया जा रहा है. बिहार में ईको-टूरिज्म (Eco Tourism) को भी बढ़ावा दिया जा रहा है. नेचर सफारी भी ईको टूरिज्म का ही हिस्सा है. ये सब वन एवं पर्यावरण विभाग के अधीन रहेगा. इसको लेकर वन एवं पर्यावरण विभाग के अंतर्गत एक विंग बनाया जा रहा है. पर्यटकों को आकर्षित करने के लिए वाल्मीकिनगर में भी कई काम किए गए हैं. पटना में भी ईको टूरिज्म को बढ़ावा दिया जाएगा. उन्होंने कहा कि गया, बोधगया, वैशाली में भी अनेक जगहों पर ईको-टूरिज्म को बढ़ावा दिया जा रहा है.
 
भागलपुर-बांका में ऐतिहासिक चीजें मिली हैं
मुख्यमंत्री ने कहा कि हाल के दिनों में दो जगहों भागलपुर और बांका में ऐतिहासिक चीजें मिली हैं. बिहार का इतिहास बहुत ही पौराणिक है. यहां पर पर्यावरण को बढ़ावा देने और इसके प्रति सजग रहने के लिए हमलोग प्रयास करते रहे हैं. उन्होंने कहा कि राजगीर में एक फ्लाई ओवर का भी निर्माण कराया जाएगा. इसके लिए हमने पथ निर्माण विभाग को पहले भी सुझाव दिया है. उन्होंने कहा कि जब मैं केंद्र सरकार में रेल मंत्री था तो गया को राजगीर से रेल लाइन से जोड़ा गया था. इसे डबल लाइन में भी कनवर्ट करने के लिए केंद्र सरकार से बात करेंगे. नेचर सफारी में शूटिंग के भी इंतजाम किए गए हैं. नेचर सफारी में सुबह से लेकर शाम तक ही लोग भ्रमण कर सकेंगे. रात में भ्रमण की इजाजत नहीं मिलेगी. राजगीर में पर्यटकों के लिए कई अच्छे होटल भी बने हैं.

   एक नजर में नेचर सफारी, स्काई वाक

  • नेचर सफारी का कुल क्षेत्रफल 1250 एकड़ है. इसके निर्माण पर लगभग 19 करोड़ रुपये की लागत आयी है. स्काई वाक् पहाड़ियों एवं वैली का नजारा लेने के लिए पहाड़ की चोटी पर हवा में लटके रहने वाला 132 फीट (लगभग 40 मीटर) लम्बा ग्लास स्काई वाक् बनाया गया है. इससे पर्यटकों को पहाड़ों एवं घाटी का नजारा देखने को मिलेगा. सस्पेंशन ब्रिज: दो पहाड़ियों के बीच सस्पेंशन ब्रिज है जिस पर पर्यटक पहाड़ी के एक छोर से दूसरे छोर तक आ-जा सकेंगे. 
  • जिप-लाईन – 800 मीटर लम्बे जिप-लाईन का निर्माण कराया गया है. इसमें युवा लोग केबुल (तार) पर लटक कर पहाड़ी के एक छोर से दूसरे छोर तथा वहाँ से तीसरे प्वाइंट पर लौट सकेंगे.
  • जिप-लाईन साईकिल -इसमें केबुल (तार) साईकिल चलाते हुये युवा लोग एक छोर से दूसरे छोर तक आ-जा सकेंगे. 
  • नेचर कैम्प एरिया- इसमें पार्क निर्माण वाकिंग ट्रैक, बैम्बू हट निर्माण, जन-सुविधाएं एवं पार्क में बच्चों के लिए खेलकूद की सुविधाएं हैं. बच्चों की एसेम्बली हेतु खुले सभागार का निर्माण कराया गया है. बच्चों को दीवार पर सपोर्ट के माध्यम से चढ़ने की प्रैक्टिस के लिए वाल क्लाइंबिंग की सुविधा है.  
  • आर्चरी (तीरंदाजी)- बच्चों के लिए निशाना लगाने को तीरंदाजी विकसित की हैं.
  • बटर फ्लाई गार्डेन तथा कैक्टस गार्डेन का निर्माण कराया गया है. 
  • नेचर-सफारी, यह वनक्षेत्र सुदूर क्षेत्र में एवं राजगीर शहर से काफी दूर में है. गया जिला से सटे जंगल क्षेत्र होने के कारण यह संवेदनशील क्षेत्र हो जाता है. इसलिए सुरक्षा के दृष्टिकोण से नेचर सफारी पुलिस ओपी की स्थापना की जा रही है. 
  • साथ ही पूरे क्षेत्र में मोनिटरिंग एवं अन्य संचार सुविधाओं के माध्यम से नेचर सफारी के संचालन की व्यवस्था की गयी है. इसके अतिरिक्त पर्यटकों के लिए डेडिकेटेड एम्बुलेंस की व्यवस्था की गयी है ताकि कोई आकस्मिक स्थिति में इसका इस्तेमाल किया जा सके.



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