गोवा कांग्रेस में बगावत, सांसद ने कहा-बदल डालो अध्यक्ष; वर्ना पछताना पड़ेगा


पणजी: गोवा कांग्रेस में फिर से बगावत का बिगुल बजा है. इस बार बगावत की बागडोर थामी है गोवा से कांग्रेस सांसद फ्रांसिस सरदिन्हा ने. उन्होंने पार्टी आलाकमान से डिमांड की है कि गोवा प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष को तुरंत बदला जाए, वर्ना बड़ा नुकसान उठाया पड़ सकता है. 

फ्रांसिस क्यों कर रहे विरोध?

गोवा दक्षिण से कांग्रेस के लोकसभा सांसद फ्रांसिस सरदिन्हा ने कहा कि पार्टी के प्रदेश अध्यक्ष गिरिश चोडनकर कांग्रेस को कमजोर कर रहे हैं. उन्होंने कहा कि गिरिश को तुरंत बदलना चाहिए और उनकी जगह किसी और को प्रदेश अध्यक्ष बनाना चाहिए. इस मामले में जब गिरिश से संपर्क करने की कोशिश की गई, तो उनसे संपर्क नहीं हो सका. 

पार्टी में लगातार हुई है टूट

गोवा कांग्रेस पिछले काफी समय आतंरिक कलह से जूझ रही है. अभी कुछ दिनों पहले ही कांग्रेस की महिला प्रदेश अध्यक्ष प्रतिमा कौटिन्हो ने पार्टी छोड़ दी थी और वो आम आदमी पार्टी में शामिल हो गई थी. उन्होंने कहा था कि प्रदेश में कांग्रेस का नेतृत्व कमजोर हाथों में हैं और वो आंतरिक कलह से परेशान थीं.

जुलाई 2019 में हुई थी पार्टी में सबसे बड़ी टूट

गोवा में लोकसभा चुनाव के साथ ही विधानसभा चुनाव भी हुए थे. जिसमें पार्टी ने 15 सीटें जीती थी. लेकिन इसके कुछ ही समय बाद कांग्रेस पार्टी में बड़ी टूट हुई थी. जुलाई में कांग्रेस के 15 में से 10 विधायकों ने अलग गुट बना लिया था और वो बीजेपी में शामिल हो गए थे. उस समय भी गिरिश चोडनकर ही पार्टी के प्रदेश अध्यक्ष थे.

कब से पार्टी संभाल रहे हैं गिरिश?

गिरिश चोडनकर साल 2018 से गोवा प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष हैं. उनकी अगुवाई में 2019 के चुनाव में कांग्रेस 15 सीटें जीती थी. लेकिन पार्टी के केंद्रीय आलाकमान के ढुलमुल रवैय्ये की वजह से बीजेपी ने अन्य पार्टियों के दम पर सरकार बना ली थी. इसके बाद कांग्रेस के 10 विधायक भी टूट कर बीजेपी में शामिल हो गए. बता दें कि साल 2020 में गिरिश ने अपने पदों से इस्तीफा भी दे दिया था, लेकिन कांग्रेस की अंतरिम अध्यक्ष सोनिया गांधी ने उनके इस्तीफे को नामंजूर कर दिया था.

ये भी पढ़ें: Amit Shah और Sharad Pawar की कथित मुलाकात पर महाराष्ट्र से लेकर बंगाल तक अटकलों का दौर जारी, समझिए वजह

कौन हैं फ्रांसिस सरदिन्हा?

गोवा कांग्रेस में फ्रांसिस सरदिन्हा बड़ा मुकाम रखते हैं. वो साल 1977 में पहली बार कांग्रेस के टिकट पर विधायक बने थे, जबकि उस समय देश में कांग्रेस विरोधी लहर चल रही थी. सरदिन्हा साल 1999 से 2000 तक गोवा के मुख्यमंत्री रह चुके हैं और बाद में उन्होंने स्पीकर का पद भी संभाला था. फ्रांसि सरदिन्हा के कद का अंजादा इसी बात से लगाया जा सकता है कि वो चौथी बार सांसद बने हैं. फ्रांसिस साल 2014 में चुनाव हार गए थे, लेकिन साल 2019 में मोदी लहर के बावजूद वो गोवा दक्षिण सीट से सांसद बने हैं. (इनपुट: एजेंसी भाषा के साथ)



BellyDancingCourse Banner

Source link

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *