प्रदेश में बड़े स्तर पर होंगे गोदामों के निर्माण, भंडारण क्षमता में 9400 मीट्रिक टन की होगी वृद्धि


Jaipur : राजस्थान (Rajasthan News) में उपज के लिए बड़े स्तर पर गोदामों के निर्माण होंगे. इसके लिए राज्य सरकार (Rajasthan Government) ने 9 करोड़ से ज्यादा की राशि की मंजूरी दे दी है, जिसमें 500, 250 और 100 मीट्रिक टन के गोदामों का निर्माण किया जाएगा. सरकर से इस फैसले से उपज के रख रखाव की समस्या कम होगी.

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अनाज बर्बाद नहीं होगा
हर साल बारिश में हजारों मीट्रिक टन अनाज भीगने से किसानों को भारी नुकसान होता है, लेकिन अब सहकारी समितियों में बड़े स्तर पर गोदामों के निर्माण से इस समस्या से निजात तो मिलेगी ही, इसके साथ साथ उपज की रख रखाव से भी किसानों को छुटकारा मिलेगा. गहलोत सरकार 39 केवीएसएस और जीएसएस में 500, 250 100 मीट्रिक टन के गोदाम निर्माण के लिए 9.78 करोड़ रूपए की राशि की स्वीकृति दे दी गई है. राज्य की अन्य पात्र ग्राम सेवा सहकारी समितियों एवं क्रय विक्रय सहकारी समितियों में गोदाम निर्माण की प्रक्रिया को और तेज किया जाएगा.

भंडारण क्षमता में 9400 मीट्रिक टन की वृद्धि
सहकारी समितियों के रजिस्ट्रार मुक्तानंद अग्रवाल ने बताया कि राज्य की 10 क्रय-विक्रय सहकारी समितियों में 50 लाख रूपये प्रति समिति की दर से 500 मीट्रिक टन क्षमता के गोदाम, 10 क्रय-विक्रय सहकारी समितियों को 25 लाख रूपए प्रति समिति की दर से 250 मीट्रिक टन क्षमता के गोदाम और 19 ग्राम सेवा सहकारी समितियों को 12 लाख रूपए प्रति समिति की दर से 100 मीट्रिक टन के गोदाम निर्मित करवाए जाएंगे. जिससे राज्य की कुल भंडारण क्षमता (storage capacity) में 9400 मीट्रिक टन की वृद्धि होगी.    

इन जिलों में बनेंगे गोदाम-
हनुमानगढ़—झालावाड़ में 2—2, प्रतापगढ़, जयपुर, पाली, अजमेर, श्रीगंगानगर और कोटा में 1-1 क्रय-विक्रय सहकारी समितियों में 500-500 मीट्रिक टन क्षमता के गोदाम बनाए जाएंगे. साथ ही बूंदी और बांसवाड़ा में 2-2, कोटा, बाड़मेर, हनुमानगढ़, भरतपुर, टोंक और जालौर जिलों में 1-1 क्रय-विक्रय सहकारी समितियों में 250-250 मीट्रिक टन क्षमता के गोदामों का निर्माण किया जाएगा.  इसी प्रकार नागौर, कोटा, जालोर और उदयपुर में 3-3, बाड़मेर और टोंक में 2-2 सवाईमाधोपुर, जोधपुर और बांसवाड़ा जिलों में 1-1 ग्राम सेवा सहकारी समितियों में 100-100 मीट्रिक टन के गोदाम निर्मित होंगे.

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