August 2, 2021

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Coronavirus Crisis India: महामारी की वजह से खतरे में देश, जानिए क्या बोली सरकार


नई दिल्ली: केंद्र सरकार ने कहा है कि देश में कोरोना वायरस (Coronavirus) संक्रमण संबंधी स्थिति ‘बद से बदतर हो रही है’. इस दौरान ये भी कहा कि खास तौर पर कुछ राज्यों में नए मामलों का बेहद तेज रफ्तार से बढ़ना एक बड़ी चिंता का विषय है. नीति आयोग के सदस्य (हेल्थ) वी के पॉल ने कहा, पिछले कुछ हफ्तों में हालात तेजी से खराब हुए हैं इससे पूरा देश जोखिम में है इसलिए किसी को भी जरा भी लापरवाही नहीं बरतनी चाहिए. 

महाराष्ट्र ने फिर बढ़ाई चिंता

कोविड-19 (Covid-19) से सर्वाधिक प्रभावित 10 जिलों में से 8 महाराष्ट्र (Maharashtra) से हैं. वहीं दिल्ली भी एक जिले के रूप में इस लिस्ट में शामिल है. हेल्थ सेक्रेटरी (Health Secretary) राजेश भूषण ने कहा कि जिन 10 जिलों में सर्वाधिक एक्टिव केस हैं, उनमें पुणे (59,475), मुंबई (46,248), नागपुर (45,322), ठाणे (35,264), नासिक (26,553), औरंगाबाद (21,282), बेंगलुरु सिटी (16,259), नांदेड़ (15,171), दिल्ली (8,032) और अहमदनगर (7,952) शामिल हैं. उन्होंने कहा कि तकनीकी रूप से दिल्ली में कई जिले हैं, लेकिन इसे एक जिले के रूप में लिया गया है.

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‘चरमरा सकती है स्वास्थ्य प्रणाली’

नीति आयोग सदस्य वी के पॉल ने ये भी कहा, ‘देश के किसी भी हिस्से या जिले को लापरवाही नहीं बरतनी चाहिए. हम काफी गंभीर स्थिति का सामना कर रहे हैं. इसलिए संक्रमण का प्रसार रोकने और हर जीवन को बचाने की सभी कोशिशें जारी रहनी चाहिए. अस्पताल और आईसीयू संबंधी तैयारियां पूरी रहनी चाहिए. यही रफ्तार रही तो देश में स्वास्थ्य देखरेख की प्रणाली चरमरा जाएगी.’ गौरतलब है कि पूरे देश में पिछले सप्ताह औसत संक्रमण दर 5.65% थी.

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संकट की वर्तमान स्थिति

संक्रमण दर के मुद्दे पर भूषण ने कहा कि महाराष्ट्र में पिछले सप्ताह औसत संक्रमण दर 23% थी. इसके बाद पंजाब में 8.82%, छत्तीसगढ़ में 8.24%, मध्य प्रदेश में 7.82%, तमिलनाडु में 2.5%, कर्नाटक में 2.45%, गुजरात में 2.22% और दिल्ली में औसत संक्रमण दर 2.04% थी.

उन्होंने ये भी कहा कि सभी राज्यों और केंद्र शासित प्रदेशों से संक्रमण के मामलों में बढ़ोत्तरी हुई है. इसलिए कोविड-19 (Covid-19) संबंधी जांच में तेजी से वृद्धि किए जाने की और इसमें आरटी-पीसीआर (RT-PCR) जांच का आंकड़ा भी तेजी से बढ़ाने की आवश्यकता है.

जीनोम सीक्वेंसिंग के नतीजे

वायरस के स्वरूपों के बारे में हेल्थ सेकेट्ररी ने कहा कि दस प्रयोगशालाओं ने दिसंबर से अब तक 11064 नमूनों की ‘जीनोम सीक्वेंसिंग’ की है जिनमें से 807 नमूनों में ब्रिटेन में मिला कोरोना वायरस का नया स्वरूप पाया गया, जबकि 47 नमूनों में वायरस का दक्षिण अफ्रीकी स्वरूप मिला तथा एक नमूने में वायरस का ब्राजीलियाई स्वरूप मिला.

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वैक्सीनेशन अभियान की रफ्तार

कोविड-19 रोधी टीकाकरण (Corona Vaccination) के तहत मंगलवार को सुबह 10 बजे तक कुल 6,11,13,354 डोज दी जा चुकी हैं. इनमें से 81,74,916 स्वास्थ्यकर्मियों को टीके की पहली खुराक तथा 51,88,747 स्वास्थ्यकर्मियों को टीके की दूसरी खुराक दी गई है. वहीं फ्रंट लाइन कर्मियों की बात करें तो 89,44,742 कर्मियों को पहली डोज वहीं 37,11,221 कर्मियों को टीके की दूसरी डोज लग चुकी है.

असरदार हैं भारतीय वैक्सीन

भारतीय आयुर्विज्ञान अनुसंधान परिषद (ICMR) के महानिदेशक बलराम भार्गव ने कहा कि ‘कोवैक्सीन’ (Covaxin) तथा ‘कोविशील्ड’ (Covishield) के टीके ब्रिटेन (UK) और ब्राजील (Brazil) में मिले सार्स-कोव-2 के नए स्वरूप के खिलाफ प्रभावी हैं. वायरस के दक्षिण अफ्रीकी स्वरूप (South African Strain) के खिलाफ कई लैब में काम जारी है.

वहीं हेल्थ सेक्रेटरी ने ये भी कहा कि प्राइवेट अस्पतालों में कोविड रोधी टीकाकरण के मामले में 48.39 % के आंकड़े के साथ तेलंगाना पहले और 43.11% के आंकड़े के साथ दिल्ली (Delhi) दूसरे स्थान पर है.

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वायरस का कोई भी स्वरूप भारतीय नहीं 

हेल्थ सेक्रेटरी ने एक सवाल के जवाब में कहा, ‘वायरस का कोई भारतीय स्वरूप नहीं है. अधिकतर राज्यों में, लोगों को सही तरीके से आइसोलेट नहीं किया जा रहा है.  वहीं संक्रमित लोगों के करीबी संपर्क में आए लोगों का भी जल्द पता लगाया जाना चाहिए. करीबी संपर्क का मतलब सिर्फ परिवार नहीं, बल्कि वे सभी हैं जिनके संपर्क में संक्रमित व्यक्ति आया हो.’ 

महाराष्ट्र में घर-घर टीकाकरण!

महाराष्ट्र में घर-घर जाकर टीकाकरण किए जाने संबंधी एक सवाल के जवाब में भूषण ने कहा कि केंद्र को राज्य सरकार से इस तरह की कवायद का कोई खास निवेदन नहीं मिला है. वहीं पंजाब में कोरोना वायरस संबंधी स्थिति के बारे में उन्होंने कहा कि मामलों में वृद्धि से पता चलता है कि न तो वहां उचित संख्या में जांच की जा रही है और न ही संक्रमित लोगों को तत्काल पृथक किया जा रहा है. 

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स्वास्थ्य मंत्रालय ने कहा कि एक अप्रैल से 45 साल से अधिक उम्र के लोग टीका लगवा पाएंगे जो अपना पंजीकरण कोविन प्लैटफॉर्म पर या आरोग्य सेतु ऐप पर करा सकते हैं या वो वैक्सीन सेंटर पर ही रजिस्ट्रेशन करा सकते हैं जो दोपहर तीन बजे से शुरू होगा.

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