Jaipur: ई-मित्रों के खिलाफ प्रशासन ने शुरू की कार्रवाई, 47 हजार से अधिक का लगाया जुर्माना


Jaipur: ई-मित्र कियोस्कों पर अवैध वूसली का व्यापार दिनों दिन फल-फूल रहा है. लोग सालों से पीड़ित हैं और लगातार प्रशासन को वसूली से बचाने की गुहार करते रहे. लेकिन जब अब लोगों का गुस्सा फूटने लगा, तो जिला प्रशासन नींद से जागा. जयपुर शहर सहित जिलेभर में ई मित्र कियोस्क पर स्टिंग शुरू हुआ. एकाएक इस कार्रवाई से चलते कियोस्क संचालकों पर खलबली मच गई. इस बीच अफसर बोगस उपभोक्ता बनकर पहुंचे. इस दौरान 2918 ई मित्रों की जांच की गई जिसमें 893 ई मित्रों पर गड़बड़ी पाई गई.

दरअसल, जयपुर शहर सहित जिले भर में ई मित्र कियोस्क पर लगातार अवैध वसूली की मिल रही शिकायतों के बाद जिला प्रशासन हरकत में आया. संभागीय आयुक्त डॉक्टर समित शर्मा के निर्देश के बाद अधिकारी जयपुर जिले के करीब 3 हजार से ज्यादा ई-मित्रों किसोस्कों पर बोगस ग्राहक बनकर पहुंचे. यहां रेट से ज्यादा वसूलते हुए ई-मित्र कियोस्क संचालक मिले. DOIT के एसीपी रितेश शर्मा ने बताया की निरीक्षण के दौरान 855 ई-मित्र केन्द्रों पर रेट लिस्ट नहीं लगे होने पर निर्धारित राजधरा एप के माध्यम से 46 हजार 288 रुपए पेनल्टी लगाई गई और 38 ई-मित्र केंद्रों पर नीयत राशि से अधिक राशि वसूलने के मामले पाए गए. 

शर्मा ने बताया की इस पर पर दोषी ई-मित्र केंद्रों को चिन्हित कर नोटिस जारी कर आवश्यक कार्रवाई की जा रही है. जांच के दौरान निर्धारित शुल्क से अधिक राशि की वसूली, नवीनतम रेट लिस्ट नहीं लगाने व आवेदक की सूचनाओं को मोबाइल नंबर, ई-मेल में सही फीड नहीं करने की शिकायतें मिली हैं.

दरअसल, ई मित्र कियोस्क पर लगाम लगाने के लिए संभागीय आयुक्त डॉक्टर समित शर्मा ने बीडीओ, तहसीलदार, एसडीएम और एडीएम को ई-मित्रों पर जाकर जांच करने के निर्देश दिए थे. जिस पर अधिकारी खुद बोगस ग्राहक बनकर ई मित्र पर पहुंचे, जहां तीन दर्जन से ज्यादा ई-मित्र संचालकों ने उन्हें तय राशि से ज्यादा शुल्क बताए.  इस दौरान अधिकारियों ने वीडियो और फोटो भी लिए. हालांकि, इस कार्रवाई से ई-मित्र संचालकों में खलबली मच गई. 

अधिकारियों की मानें तो जिस सेवा के 30 से 40 रुपए बनते हैं, उस सेवा के ई-मित्र संचालक 200 से ज्यादा रुपए की मांग करते नजर आए, जिसे देखकर अधिकारी भी हैरानी में पड़ गए. शर्मा ने बताया की ई-मित्र पर नवीनतम रेट लिस्ट नहीं लगाने पर सख्त कार्रवाई की जाएगी. ई-मित्र धारकों को निरीक्षण के दौरान निर्देशित किया गया कि किसी भी सरकारी योजना में आवेदक की सही सूचना पोर्टल पर फीड की जाए और उनके ही मोबाइल नंबर व ई-मेल ID ही फीड किए जाएं, जिससे आवेदक को किसी प्रकार की परेशानी नहीं हो.

बहरहाल, जयपुर जिले में सबसे ज्यादा कोटपूतली और माधोराजपुरा में तय रेट से ज्यादा वसूली करने के मामले सामने आए तो वहीं बस्सी, गोविंदगढ, जालसू और कोटपूतली में सबसे ज्यादा ई-मित्र कियोस्क संचालकों ने रेट लिस्ट ही नहीं लगा रखी. जिससे उपभोक्ताओं को तय दरों की जानकारी ही नहीं मिल सके. औचक निरीक्षण का मुख्य उद्देश्य सरकार द्वारा निर्धारित शुल्क लेना व सही जानकारी पोर्टल में सही फीड करवाना है. जानबूझ कर लापरवाही अनियमितता करने वाले ई-मित्रों पर सख्त कार्रवाई की जाएगी.



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