कोरोना Lockdown में बिहार वाणिज्य विभाग को मिला 32 हजार करोड़ का राजस्व, 23 फीसदी की वृद्धि


Patna: वाणिज्य-कर विभाग द्वारा इस वित्तीय वर्ष में 32,000 करोड़ राजस्व की प्राप्ति की है. पिछले वित्तीय वर्ष में विभाग द्वारा 26,166 करोड़ का राजस्व संग्रहण किया गया था. पिछले वित्तीय वर्ष के तुलना में विभाग द्वारा 22.35 प्रतिशत की वृद्धि दर्ज की गयी है. 

75 प्रतिशत GST से Tax मिला
वाणिज्य-कर विभाग के कुल राजस्व का 75 प्रतिशत GST से प्राप्त होता है. GST के बाहर के वस्तु जैसे-पेट्रोलियम, विद्युत शुल्क से 25 प्रतिशत की राजस्व की प्राप्ति होती है. जहां तक GST राजस्व संग्रहण की स्थिति है. इसमें विभाग द्वारा 16,000 करोड़ राजस्व का संग्रहण किया गया है, जो पिछले वित्तीय वर्ष की तुलना में 2.6 प्रतिशत की वृद्धि है. GST के बाहर के वस्तुओं पर कर संग्रहण में विभाग द्वारा पिछले वित्तीय वर्ष की तुलना में 10.47 प्रतिषत की वृद्धि दर्ज की गयी है. 

राजस्व संग्रहण के लिए अनेक प्रयास 
वाणिज्य कर विभाग की आयुक्त सह सचिव डॉ. प्रतिमा ने कहा कि विभाग द्वारा ऐसे विपरीत परिस्थितियों में भी काफी महत्वपूर्ण कदम उठाते हुए राजस्व संग्रहण के लिए अनेक प्रयास किए गए हैं. 

कोरोना के कारण 60 फीसदी तक कमी
कोरोना महामारी के लॉकडाउन के कारण उत्पन्न परिस्थितियों तथा आर्थिक मंदी में जहां अप्रैल, मई, तथा जून में राजस्व संग्रहण में 50 से 60 प्रतिशत की कमी आयी थी, वहीं विभाग के अथक प्रयास के कारण वित्तीय वर्ष की समाप्ति पर विभाग द्वारा सकारात्मक वृद्धि दर्ज की गई है. डॉ. प्रतिमा ने कहा कि विभाग द्वारा करदाताओं को कोरोना के कारण हुए कठिनाइयों को दूर करने का हर संभव प्रयास लगातार किया गया. विभाग द्वारा करदाताओं के सुविधा के लिए कोराना काल में विडियो कॉन्फ्रेसिंग से न्यायालय का कार्य भी किया गया. 

कई सुविधाएं दी गईं
सरकार द्वारा बिहार कराधान विवाद समाधान योजना लागू किया गया, जिसके कारण कोरोना काल में वैट से संबंधित बकाया भुगतान करने में करदाताओं को सहुलियत हुई. विभाग द्वारा बड़े करदाताओं की विवरणी दाखिल कराने हेतु लगातार अनुश्रवण किया गया, जिसके कारण पिछले वित्तीय वर्ष की तुलना में विवरणी दाखिल करने में भी काफी उत्साह जनक वृद्धि दिखी. कोरोना काल के दौरान सोशल डिस्टेंसिंग को ध्यान में रखते हुए सभी प्रकार के बैठकों को विडियो कॉन्फ्रेसिंग के माध्यम से आयोजित कर लगातार अनुश्रवण की कार्रवाई की गयी. पेट्रोल-डीजल के मूल्य में हो रहे लगातार बदलाव के कारण विभाग द्वारा पेट्रोल, डीजल के करारोपण में काफी सुधार किए गए जिसके कारण पेट्रोल, डीजल से भी अच्छी मात्रा में राजस्व की प्राप्ति हुई है. 

करवंचना पर कार्रवाई
विभाग के द्वारा तीसरे आंख की तरह वैसे करदाताओं पर निगरानी रखी गयी जो इस दौरान करवंचना का प्रयास कर रहे थे. ऐसे अनेक करदाताओं जो करवंचना में शामिल पाए गए उनका क्रेडिट ब्लॉक भी किया गया तथा साथ में उनके विरूद्ध कार्रवाई भी की गयी. इसके परिणाम स्वरूप करदेयता में काफी वृद्धि हुई है. 

विभाग द्वारा सारे कार्य ऑनलाईन किये गये ताकि Lockdown के बावजूद कार्यों को ससमय निष्पादित किया जा सके. वाणिज्य-कर आयुक्त द्वारा बताया गया कि विभिन्न व्यापारी संगठनों और करदाताओं के सहयोग के कारण विभाग द्वारा इतनी बड़ी उपलब्धि हासिल की गयी है. विभाग के सभी पदाधिकारियों के प्रयास की सराहना करते हुए आयुक्त द्वारा बताया गया कि सभी पदाधिकारियों ने इन विपरित परिस्थितियों में भी काफी मेहनत और लगन से कार्य किया है, जिसके कारण विभाग द्वारा अपने लक्ष्य को प्राप्त करने में सफलता मिली है.



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