Rajasthan पुलिस पर HC ने लगाया 10 लाख का Fine, गोल्डन बोटलिंग कंपनी पर रेड को बताया प्रताड़ना


Jaipur: राजस्थान हाईकोर्ट ने अलवर के भिवाड़ी स्थित एक शराब निर्माता कंपनी की फैक्ट्री पर कि गयी पुलिस की गैर कानूनी कार्रवाई के लिए राजस्थान पुलिस (Rajasthan Police) पर 10 लाख रुपए का हर्जाना लगाया है. फैक्ट्री पर छापा डालने वाले तत्कालिन भिवाड़ी एसएचओ जितेन्द्र सोलंकी को अपने पद का दुरूपयोंग करने और पुलिस कार्रवाई के नाम पर की गई प्रताड़ना के लिए अदालत ने कई सख्त टिप्पणीया की है. Rajasthan High Court ने राज्य के पुलिस महानिदेशक (DGP) को तत्कालिन SHO और छापे की कार्रवाई में शामिल हुए पुलिसकर्मियों के खिलाफ सख्त विभागीय कार्रवाई करने के भी आदेश दिए हैं. 

जस्टिस एस पी शर्मा की एकलपीठ ने पुनित सोलंकी सहित कंपनी के 6 अधिकारियों की ओर से दायर याचिकाओं पर फैसला सुनाया है. एकलपीठ ने सभी पक्षो की बहस सुनने के बाद 22 फरवरी 2021 को अपना फैसला सुरक्षित रखा था. भिवाड़ी की गोल्डन बॉटलिंग कंपनी पर बिना आबकारी विभाग के अधिकारियों की मौजूदगी के भिवाड़ी पुलिस द्वारा कि गयी कार्रवाई को हाईकोर्ट ने अवैध और गैरकानूनी घोषित किया है. 11 अक्टूबर 2020 में भिवाड़ी के तत्कालिन एसएचओ जितेंद्र सोलंकी ने कार्रवाई करते हुए फैक्ट्री को सीज किया था. साथ ही, इस मामले में भिवाड़ी थाने में एक FIR दर्ज करते हुए कुछ गिरफ्तारी भी की थी. पुलिस की इस कार्रवाई को पुनित सोलंकी शराब कंपनी से जुड़े 6 अधिकारियेां ने हाईकोर्ट में चुनौति दी.

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हाईकोर्ट ने सभी 6 याचिकाओं पर सभी पक्षों की बहस सुनने के बाद 22 फरवरी को फैसला सुरक्षित रखा था. अदालत ने इस मामले में आज फैसला सुनाते हुए सभी 6 याचिकाकर्ता अधिकारियों को बड़ी राहत दी है. अदालत ने भिवाड़ी थाने में दर्ज कि गयी एफआईआर को रद्द करने के आदेश दिए है. जस्टिस एस पी शर्मा की एकलपीठ ने फैसला सुनाते हुए तत्कालिन एसएचओ जितेन्द्र सोलंकी के खिलाफ कई सख्त टिप्पणीया की है. एकलपीठ ने अपने फैसले में कहा कि एसएचओ की कार्रवाई पूरी तरह से प्रताड़ना का विषय है जो कि बड़े अधिकारियों के सहयोग से एसएचओं ने गैरकानूनी कार्रवाई की है. ये एक तरह कानून का मजाक उड़ाने या गाली देना जैसा है. एकलपीठ ने राज्य के पुलिस महानिदेश को आदेश दिए हैं कि वो तत्कालिन एसएचओ के साथ ही छापे की कार्रवाई में शामिल रहे सभी कार्मिको के खिलाफ विभागीय कार्रवाई करे. अदालत ने याचिकाकर्ताओ को भी छूट दी है कि वे चाहे तो पुलिस प्रताड़ना के खिलाफ कार्रवाई कर सकते हैं.

राजस्थान पुलिस (Rajasthan Police) पर हाईकोर्ट द्वारा लगाए गए जुर्माने के इस फैसले केा लेकर अब सरकार सुप्रीम कोर्ट का रूख करेगी. हाईकोर्ट के फैसले के बाद से ही सरकार के कानूनी सलाहकार इस फैसले की अपील करने में जुट गए है.

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(इनपुट-निजाम)



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