July 25, 2021

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Rajasthan Bypoll 2021: क्या BJP में वसुंधरा राजे युग खत्म होने की तरफ मिल रहे संकेत?


Jaipur: प्रदेश में तीन सीटों पर हो रहे विधानसभा उपचुनाव में बीजेपी ने अपनी तैयारियों को रफ्तार दे दी है और इस सिलसिले में स्टार प्रचारकों की लिस्ट भी भारत निर्वाचन आयोग को भेज दी है, लेकिन नामांकन रैली से पहले वसुंधरा राजे की फोटो प्रत्याशियों के पोस्टर पर नहीं होने का मुद्दा अभी भी चर्चा का विषय बना हुआ है. वसुंधरा राजे के समर्थकों  के मन में अभी भी यही सवाल उठ रहा है कि आखिर नामांकन रैली से पहले पार्टी की तरफ से सोशल मीडिया पर जारी किए गए मैसेज में वसुंधरा राजे की फोटो क्यों नहीं थी?

दरअसल, पिछले 18 साल में राजस्थान में विधानसभा या लोकसभा का ऐसा कोई चुनाव नहीं हुआ है जब वसुंधरा राजे (Vasundhara Raje) भारतीय जनता पार्टी के पोस्टर्स और बैनर में उनकी फोटो ना लगी हो. लेकिन इस बार प्रदेश में पहली बार ऐसा दिखा जब विधानसभा उपचुनाव से पहले पार्टी की तरफ से सोशल मीडिया पर जारी किए गए नामांकन रैली के न्यौते के पोस्टर में वसुंधरा राजे की फोटो नहीं थी. तीनों सीटों पर बीजेपी ने अपने प्रत्याशियों का नामांकन अंतिम दिन भरवाया और इसके लिए सुजानगढ़, सहाड़ा और राजसमंद में सभाएं भी की. सभा स्थल पर ज्यादा से ज्यादा लोग पहुंच सके इसके लिए पार्टी ने सोशल मीडिया पर नामांकन रैली के लिए न्योता जारी किया. इन पोस्टर्स में वसुंधरा राजे की फोटो नहीं थी और बस यही बात वसुंधरा राजे के समर्थकों को खटक रही है.

क्या दूसरी पंक्ति की लीडरशिप को आगे लाना चाह रही है BJP?
वसुंधरा राजे की फोटो पोस्टर से गायब होने के बाद सवाल उठ रहा है कि क्या भारतीय जनता पार्टी अब नई लीडरशिप विकसित कर रही है? पार्टी के कार्यकर्ता हर घटनाक्रम पर नजर बनाए हुए हैं. कार्यकर्ताओं की जिज्ञासा इस बात को लेकर है कि क्या बीजेपी के शीर्ष नेतृत्व ने अब यह मानस बना लिया है कि पार्टी में दूसरी लाइन के नेताओं को आगे किया जाए और उन्हें अब पहली पंक्ति का नेता बनाया जाए?

क्या वसुंधरा युग खत्म होने की तरफ संकेत?
बीजेपी के कार्यकर्ताओं में इस बात की भी जिज्ञासा है कि पोस्टर से फोटो हटाकर आखिर पार्टी संदेश क्या देना चाहती है? कार्यकर्ता आपसी चर्चा में यह पूछ रहे हैं कि क्या बीजेपी में यह वसुंधरा युग खत्म होने का संकेत माना जाए? चर्चा इस बात की भी है कि क्या सिर्फ पोस्टर पर जगह नहीं मिलने से ही वसुंधरा राजे को कमजोर मान लिया जाएगा?

आखिर किस स्तर पर हुआ यह फैसला?
कार्यकर्ताओं में जिज्ञासा इस बात को लेकर भी है कि नामांकन रैली में वसुंधरा राजे की फोटो नहीं लगाने का फैसला किस स्तर पर हुआ? क्या केन्द्र ने इसके निर्देश दिए या प्रदेश इकाई के स्तर पर ही ऐसा कोई फैसला लिया गया? ऐसा माना जाता है कि आमतौर पर उप-चुनाव में केंद्रीय यूनिट कोई निर्देश नहीं देती है. जानकारों का कहना है कि राजस्थान बीजेपी सोशल मीडिया टीम की तरफ से इस तरह के पोस्ट किए गए थे जिसमें वसुंधरा राजे की फोटो नहीं थी.

क्या किसी नेता की फोटो नहीं होना BJP के लिए बड़ा मुद्दा है?
जहां तक नामांकन रैली में वसुंधरा राजे की फोटो नहीं होने की बात है तो यह वसुंधरा राजे समर्थकों के लिए एक मुद्दा हो सकता है. बीजेपी का प्रदेश नेतृत्व या पार्टी के दूसरे नेताओं की सेहत पर इससे कोई फर्क नहीं पड़ता. दरअसल, पार्टी का ध्यान अभी उपचुनाव में जीत पर है. ऐसे में किसी एक नेता के समर्थकों की नाराजगी पार्टी को कुछ हद तक नुकसान तो पहुंचा सकती है. लेकिन इस नाराजगी से उनके नेता को भी कोई फायदा नहीं होने वाला. इसी सोच के साथ बीजेपी का प्रदेश नेतृत्व मानता है कि इस उपचुनाव में पार्टी के सभी नेता और कार्यकर्ता एकजुटता के साथ मैदान में उतरेंगे.

पोस्टर से नदारद, लेकिन राजसमंद की सभा में बैनर पर दिखी वसुंधरा राजे की फोटो
सुजानगढ़, सहाड़ा और राजसमंद सीट पर बीजेपी प्रत्याशियों की नामांकन रैली के लिए प्रदेश कार्यालय से जारी किए गए पोस्टर्स में वसुंधरा राजे की फोटो गायब थी, लेकिन राजसमंद से पार्टी प्रत्याशी दीप्ति माहेश्वरी की नामांकन रैली के दौरान मंच पर लगाए गए बैनर में वसुंधरा राजे की फोटो को भी जगह दी गई. दरअसल बीजेपी में कई लोगों का मानना है कि पार्टी के तीनों ही प्रत्याशी वसुंधरा राजे के नजदीकी रहे हैं, लेकिन पूर्व मंत्री और राजसमंद से दिवंगत विधायक किरण माहेश्वरी का वसुंधरा राजे से अच्छा तालमेल था.

दीप्ति माहेश्वरी और उनकी चुनाव मैनेजमेंट टीम ने भी इस बात को समझा. सूत्रों का कहना है कि बैनर पर फोटो लगाने से पहले इस मामले पर प्रतिपक्ष के नेता गुलाबचंद कटारिया से भी राय ली गई थी. कटारिया ने कहा कि उन्हें वसुंधरा राजे की फोटो लगाने से कोई एतराज नहीं है. कटारिया की तरफ से यह भी कहा गया कि पूर्व मुख्यमंत्री होने के नाते उनकी फोटो को भी जगह दी जानी चाहिए. उनकी सहमति के बाद ही वसुंधरा राजे की फोटो सभा स्थल वाले बैनर पर लगाई गई.

 





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