जमीन के दाखिल खारिज के लिए नहीं होगा दौड़ना, Suo-Moto Mutation की हुई शुरुआत


Patna: जमीन फ्लैट खरीदारों की बढ़ी राहत मिली है. दाखिल खारिज कराने को लेकर खरीदारों को सीओ कार्यालय का चक्कर नहीं काटना होगा. यहीं नहीं, उन्हें अलग से ‘राइट टू पब्लिक एक्ट’ (Right To Public Act) के तहत उन्हें ऑनलाइन कराने की जरुरत नहीं पड़ेगी. क्योंकि, बिहार सरकार ने दाखिल खारिज को लेकर Suo-Moto म्यूटेशन हो जाएगा. नई सेवा की शुरुआत शुरु कर दी गयी है.

गुरुवार को राजस्व एवं भूमि सुधार विभाग के मंत्री राम सूरत अपने कार्यालय कक्ष में पूरे राज्य के लिए SUO-MOTO ONLINE MUTATION की प्रक्रिया शुरुआत की. राजस्व एवं भूमि सुधार मंत्री ने रामूसूरत कुमार ने कहा कि ‘बिहार की आम जनता से अनुरोध है कि जल्द से जल्द अपने नाम से अपनी जमीन की जमाबंदी कायम करा ले ताकि यह सुविधा का लाभ उठा सके.’

मंत्री ने कहा कि जमीन के लेन-देन में पारदर्शिता सुनिश्चित करने के लिए विभाग में कई कदम उठाए है. SUO-MOTO दाखिल खारिज भी उसी दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम है. इससे बिहार की जनता को बहुत लाभ होगा. अब जमीन की खरीद के साथ ही उसका दाखिल-खारिज भी होगा. उन्होने कहा कि इस सुविधा का लाभ उठाने के लिए आम लोगों को अब अंचल कार्यालय जाने की जरूरत नहीं है. जमीन की रजिस्ट्री के समय ही आवेदक को एक फार्म भरना है. यह फार्म आवेदक खुद से या कातिब की मदद से भर सकता है. यह प्रपत्र उस इलाके अचत अधिकारी के नाम लिखा गया है, निबंधन पदाधिकारी के द्वारा भेज जाना है. एक पृष्ठ के इस प्रपत्र में आवेदक या खरीदार को अपने और बेचने वाले का पूरा ब्योरा उपलब्ध कराना है.

SUO-MOTO MUTATION सॉफ्टवेयर का निर्माण करने वाले राष्ट्रीय सूचना विज्ञान केन्द्र के तकनीकी निदेशक संजय कुमार ने बताया कि एक विशेष सॉफ्टवेयर के माध्यम से निबंधन विभाग के सर्वर से SUO-MOTO से संबंधित सभी आंकड़े राजस्व विभाग के डेटा सेंटर में पहुंच जाएगा. इसमें निबंधन कार्यालय में भरा जाने वाला डाटा और निबंधित दस्तावेज मा पीडीएफ शामिल होगा यह सारी सूचना राजस्व विभाग द्वारा निबंधन विभाग से लेकर राजस्व कर्मचारी के नागिन में निबंधन के सातवें दिन डाल दिया जाएगा और कर्मचारी द्वारा दाखिल-खारिज की प्रक्रिया शुरु कर दी जाएगी. 

उन्होंने कहा कि बाकि सारी प्रक्रिया ऑनलाइन दाखिल खारिज की पूर्व से चल रही प्रक्रिया के तहत ही होगी, यानि कर्मचारी द्वारा आवेदन की जाय-पताल, अंचल निरीक्षक द्वारा अनुशंसा एवं अंचल अधिकारी द्वारा आम एवं खास सूचना का प्रेम फिर जमीन पर आवेदकों दखल-कब्जा की स्थल निरीक्षण के बाद म्यूटेशन के बारे में निर्णय लेना समय पहले की तरह ही रहेगी अर्थात दाखिल-खारिज को 30 दिनों में ही करना होगा. biharbhumi.bihar.gov.in पर जाकर शुधि पत्र को आउन लोड कर सकता है और रसीद का सकता है.



BellyDancingCourse Banner

Source link

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *