Bihar: Lockdown में खनन विभाग ने तोड़े सारे रिकॉर्ड! कोरोना काल में की बंपर कमाई


Patna: खान एवं भूतत्व विभाग का वित्तीय वर्ष 2020-21 में परफॉर्मेंस जबरदस्त रहा है. सरकार के खजाने भरन में रिकॉर्डतोड़ रुपए की उगाही की है. राजस्व उगाही का तय लक्ष्य से सौ फीसदी से अधिक की उगाही कर दी है. राजस्व उगाही में सबसे बड़ा योगदान बालू खनन से हुआ है. विभाग के प्रधान सचिव हरजोत कौर ने बताया है कि कोविड-19 संक्रमण के बावजूद भी खनन विभाग ने राजस्व संग्रहण में अपेक्षित लक्ष्य 1600 करोड़ रुपए के विरूद्ध 1678.79 करोड़ रुपए की वसूली की है.

विभाग ने वित्तीय वर्ष 2020-21 के निर्धारित लक्ष्य से अधिक वसूली की है. लक्ष्य वसूली में राज्य के विभिन्न जिलों के समाहर्ता, विभागीय पदाधिकारियों एवं अन्य प्रशासनिक पदाधिकारियों का भी सहयोग सराहनीय रहा है. उन्होने बताया कि वित्तीय वर्ष 2020-21 में 1678.79 करोड़ रुपए की वसूली हुई है. जो पिछले वित्तीय वर्ष की तुलना में काफी अधिक है. तय लक्ष्य 1600 करोड़ रुपए था.प्रतिशत की बात करें तो यह 104.92 फीसदी रही है.

IAS अधिकारी हरजोत कौर ने बताया कि वित्तीय वर्ष 2020-21 में बालू खनन से कुल 678.65 करोड़ रुपए प्राप्त हुआ है. 373 बालूधाटों की बंदोबस्ती की जा चुकी है, जिसकी कुल बंदोबस्ती राशि 2677 करोड़ रूपए है. सर्वोच्च न्यायालय में सिविल अपील दायर किया गया है मामले की सुनवाई अभी नहीं हो पाई है ऐसी परिस्थिति में तत्काल पुराने बालू बंदोबस्ती धारियों कुल- 13 जिला को 30 सितम्बर 2021 तक के लिए अवधि विस्तार दिया गया है. वित्तीय वर्ष 2020-21 में इन पुराने बालू बंदोबस्ती धारियों से 678.65 करोड़ रू0 प्राप्त हुआ है.

प्रधान सचिव हरजोत कौर ने बताया कि ईट-भट्टा मद में वित्तीय वर्ष 2019-20 के दौरान कुल 62.18 करोड़ रुपए की वसूली हुई थी. वित्तीय वर्ष 2020-21 में यह वसूली बढ़कर 73.08 करोड़ रुपए हो गई है. इस मद में समाहरण में वृद्धि लगभग 12 प्रतिशत है. उन्होने कहा कि वित्तीय वर्ष 2019-20 में कार्य विभाग से स्वामित्व कटौती के रूप में कुल 523.97 करोड़ रुपए प्राप्त हुए थे, जबकि वित्तीय वर्ष 2020-21 में कुल- 772.07 करोड़ रुपए प्राप्त हुए हैं, जो 248.10 करोड़ रुपए अधिक है. इसमें वृद्धि 47.35 प्रतिशत है. 

वित्तीय वर्ष 2019-20 में दंड मद से 41.60 करोड़ रुपए प्राप्त हुए थे, जबकि वित्तीय वर्ष 2020-21 में इस मद से 54.63 करोड़ रुपए प्राप्त हुए हैं. इस मद में अवैध उत्खनन, परिवहन एवं भंडारण के विरूद्ध सघन कार्रवाई करने के फलस्वरूप 13.03 करोड़ रुपए अधिक प्राप्त हुआ है. हरजोत कौर ने बताया कि पत्थर और क्रशर मद में वित्तीय वर्ष 2020-21 में 79.37 करोड़ रुपए प्राप्त हुआ है. राज्य में पत्थर का सीमित संसाधन है पंचांग वर्ष 2020 तक पत्थर के कुल- 40 खनन पट्टे स्वीकृत थे, जिसमें से पंचांग वर्ष 2021 में 21 खनन पट्टे समाप्त हो चुके हैं. शेष 19 खनन पट्टों की अवधि वर्ष 2022 के पश्चात समाप्त होगी.



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