मार्च में रिकॉर्ड GST संग्रहण, जानिए कितना हुआ पूरे देश और राज्यों में कलेक्शन


Jaipur : मार्च महीना राजस्व के लिहाज से वित्त वर्ष का अंतिम महिना होता है इस महीने में जीएसटी संग्रहण (GST Collection) ने देशभर में नया रिकॉर्ड बनाया है. जीएसटी लागू होने के बाद पहली बार 1 लाख 23 हजार 902 के आकड़े को छुआ है. राजस्थान (Rajasthan News) में भी टैक्स कलेक्शन (Tax collection) मार्च महिने में सुधरा है, इस महिने में 3,351.79 करोड़ रुपये राजस्व संग्रहण रहा है. जीएसटी आंकड़ों में इजाफे का लाभ राज्यों को भी मिलना तय है, केंद्र सरकार राज्यों की हिस्सा राशि जल्द जारी कर सकती है.

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कोराना संक्रमण के आकड़े मार्च 2021 में भले ही फिर से बढ़े हो, लेकिन देश की अर्थव्यवस्था भी लगातार सुधार पर है. मार्च में वस्तु एवं सेवा कर कलेक्शन के आकड़े इसकी पुष्टि कर रहे हैं. वित्त मंत्रालय (Finance Ministry) के डाटा के मुताबिक, मार्च में जीएसटी कलेक्शन 1,23,902 करोड़ रुपए रहा है. एक साल पहले इसी अवधि के मुकाबले इसमें 27 फीसदी की ग्रोथ रही है. मार्च 2020 में जीएसटी कलेक्शन 97,590 करोड़ रुपए रहा था. लॉकडाउन के बाद यह लगातार छठा महीना है, जब जीएसटी कलेक्शन 1 लाख करोड़ रुपए के पार रहा है. 

वित्त मंत्रालय ने कहा कि जीएसटी (GST) लागू होने के बाद मार्च 2021 में अब तक का सबसे ज्यादा टैक्स कलेक्शन रहा है. वहीं, पिछले 5 महीने से जारी तेजी का ट्रेंड भी बरकरार है. वस्तुओं के आयात से मिलने वाले GST में 70 प्रतिशत की ग्रोथ रही है, जबकि घरेलू ट्रांजेक्शन से मिलने वाले राजस्व में 17 फीसदी का उछाल आया है. जीएसटी कलेक्शन में आए इस उछाल में फर्जी कंपनियों और बिलों की धरपकड़ का अहम योगदान है. इसके जीएसटी नेटवर्क ने अपने तकनीकी सिस्टम को मजबूत किया है. जीएसटी इंटेलीजेंस विंग की टीमें राजस्थान समेत सभी राज्यों में बड़े पैमाने पर कंपनियों की स्क्रूटनी कर रही हैं. वहीं, काले कारोबार कड़ी कार्रवाई का असर जीएसटी संग्रहण में इजाफे के रुप में दिखा है.

मार्च 2021 में GST कलेक्शन
राज्य कलेक्शन (करोड़ रु. में)
महाराष्ट्र 17,038.049
गुजरात 8,197.04
कर्नाटक 7,914.98
तमिलनाडु 7,579.18
उत्तर प्रदेश 6,265.01
राजस्थान 3,351.79

राजस्थान के वाणिज्यिक कर विभाग की एसजीएसटी शाखा ने भी बीते दो महिनों में छापेमारी तेज की है. केंद्र की एजेंसियों के साथ राज्य की एंजेंसियों के एक्टिव होने से कर चोरों डर है. फर्जी बिलिंग, अवैध कंपनियों के गठन, ईवे बिल, फर्जी आईटीसी क्लेम उठने के मामलों में जांच एजेंसियों की कड़ी कार्यवाही का असर अब फील्ड में दिखाई देने लगा है. हालांकि कोरोना के बढ़ते केस एक बार फिर अर्थव्यवस्था के आंकड़ों की रफ्तार को थामते दिखाई दे रहे हैं.

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