August 2, 2021

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Jaipur: बिना पैसों के Cancer मरीजों की मदद कर रही यह संस्था, निकाला यह अनोखा तरीका


Jaipur: कैंसर (Cancer) जैसी गंभीर बीमारी से जूझना अपने आप में एक बड़ी लड़ाई है. कैंसर के इलाज में दी जाने वाली थैरेपी से अक्सर कैंसर पीड़ित मरीजों (Cancer patients) के बाल झड़ (Hair fall) जाते हैं. 

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कैंसर के इलाज के दौरान आमतौर पर मरीजों को कीमोथेरेपी (Chemotherapy) के जरिए इलाज उपलब्ध कराया जाता है और आमतौर पर कीमोथेरेपी के कारण कैंसर का इलाज करा रहे मरीज के सिर के बाल झड़ जाते हैं और मरीज को अपने खूबसूरत बाल खोने का दर्द काफी तकलीफ तेज होता है लेकिन जयपुर (Jaipur) में एक ऐसी सामाजिक संस्था है, जो कैंसर पीड़ित मरीजों खासकर बच्चों के लिए बाल डोनेट (Hair Donate) करवा रही है और इन बालों से विग तैयार करवा कर बच्चों को लगाए जा रहे हैं.

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कैंसर पीड़ित छोटे बच्चों और अन्य बड़ी उम्र के रोगियों के बाल इलाज के दौरान झड़ने लगते हैं. ऐसे में उनके मन में आत्मविश्वास की कमी आने लगती है लेकिन राजस्थान में एक संस्था ऐसी है, जो छोटे-छोटे बच्चों की पहल के साथ उन सभी कैंसर पीड़ित लोगों को बालों के विग उपलब्ध करवा रहे हैं, जिन मरीजों के बाल कीमो थैरेपी के बाद झड़ जाते हैं. 

क्या कहना है इन्वेंटिव हेल्पिंग हैंड सोसाइटी की डायरेक्टर का
मामले को लेकर सामाजिक संस्थान इन्वेंटिव हेल्पिंग हैंड सोसाइटी (Inventive helping hand society) की डायरेक्टर हिमांशी गहलोत (Himanshi Gehlot) ने बताया कि कैंसर पीड़ित बच्चों के लिए उनकी संस्थान बाल डोनेट करवाती है और इन बच्चों के लिए उनकी संस्थान की ओर से विग तैयार किए जाते हैं. उन्होंने बताया कि कैंसर इलाज के दौरान खासकर महिलाओं और बच्चियों को अपने बाल खोने का दर्द काफी ज्यादा होता है क्योंकि कीमोथेरेपी के कारण आमतौर पर सिर के बाल झड़ना एक सामान्य प्रक्रिया है. ऐसे में हमारे संस्थान का प्रयास है कि इन मरीजों के दर्द को थोड़ा कम किया जा सके.

कोई भी डोनेट कर सकता है अपने बाल
इस संस्था द्वारा तैयार किए गए विग निशुल्क कैंसर पीड़ित मरीजों के लिए उपलब्ध करवाए हैं लेकिन इसमें उन मरीजों को ही शामिल किया जाता है, जो बीपीएल श्रेणी से आते हैं क्योंकि डोनेट किए गए बालों से विग तैयार करना काफी महंगा होता है तो ऐसे में उनके सामाजिक संस्थान की ओर से इसे निशुल्क रखा गया है. उन्होंने बताया कि डोनेट किए गए बालों को सुरक्षित रखना जरूरी होता है. ऐसे में जिन लोगों द्वारा बाल डोनेट किए गए हैं, उन्हें पहले ही निर्देश दिए जाते हैं. वही डोनेट किए गए बालों से विग दक्षिणी भारत में तैयार करवाये जाते हैं हालांकि उन्होंने यह भी बताया कि इस डोनेशन के लिए कोई एज लिमिट नहीं होती और किसी भी उम्र का व्यक्ति अपने बाल डोनेट कर सकते हैं.

डायरेक्टर की बेटी ने खुद डोनेट किए बाल
हिमांशी गहलोत की बेटी काश्विनी गहलोत भी अपनी मां के साथ इस कार्य में जुटी हुई है और खुद काश्विनी गहलोत ने भी अपने बाल डोनेट किए हैं. काश्विनी गहलोत का कहना है कि उन्हें खुशी है कि किसी जरूरतमंद के लिए उनके बाल काम आ रहे हैं और अन्य लोगों से भी अपील करते हुए कहां है कि वह भी अपने बाल डोनेट करें ताकि किसी की सुंदरता वापस लौट सके. कश्विनी के अलावा कुछ ऐसी अन्य बच्चियां भी हैं, जो कई बार अपने बाल डोनेट कर चुकी है.

किसी व्यक्ति को कैंसर जैसी बीमारी का घेर लेना जिंदगी का बड़ा चैलेंज है. इस तरह की संस्थाएं अब आगे आने लगी हैं, जो निशुल्क बीपीएल श्रेणी के छोटे कैंसर पीड़ित बच्चों और अन्य बड़ी उम्र के मरीजों को हेयर विग लगाने का काम कर रहे हैं. उम्मीद है कि ऐसे मरीजों के लिए बड़ी संख्या में लोग आगे आयेंगे और अपने डोनेट करेंगे.

 





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