July 25, 2021

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UK: स्कूल में पैगंबर मोहम्मद का कार्टून दिखाने वाले टीचर के पिता को सता रहा डर, बयां किया अपना दर्द


लंदन: फ्रांस की राजधानी पेरिस में पिछले साल इतिहास के टीचर सैम्युएल पैटी को क्लास में पैगंबर मोहम्मद का कार्टून दिखाने के बाद एक कट्टरपंथी ने मार डाला था. अब ब्रिटेन (Britain) के एक स्कूल टीचर के पिता को भी इसी तरह का डर सता रहा है और उनका कहना है कि मुस्लिम कट्टरपंथी सैम्यूएल की तरह ही उनके बेटे को भी मार डालेंगे. बता दें कि इस टीचर ने भी धार्मिक शिक्षा के क्लास के दौरान पैगंबर मोहम्मद का कैरिकेचर (कार्टून) दिखाया था, जिसके बाद मुस्लिम समूहों में नाराजगी है और इसे लेकर स्कूल के बाहर प्रदर्शन भी हुए.

स्कूल ने टीचर को किया निलंबित

स्कूल के बाहर उग्र प्रदर्शन के बाद स्कूल प्रशासन ने टीचर की पहचान सार्वजनिक किए बिना, उन्हें निलंबित कर दिया. इसके साथ ही स्कूल की हेड गैरी किबल ने भी सार्वजनिक तौर पर माफी मांगी और सबको आश्वासन दिया कि वह इस मामले में आगे जांच करेंगे.

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टीचर के पिता को सता रहा डर

टीचर को डर है कि कट्टरपंथी उन्हें और उनके परिवार को मार देंगे. इसके साथ ही स्कूल टीचर के पिता को भी डर सता रहा है और उनका कहना है कि मेरा बेटा अब दोबारा कभी अपने काम पर नहीं लौट पाएगा और कभी लौट भी पाया तो उसकी हत्या कर दी जाएगी.

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टीचर के पिता ने बयां किया दर्द

डेलीमेल से बात करते हुए टीचर के पिता कहा, ‘फ्रांस में टीचर के साथ क्या हुआ, जिन्हें इसीलिए मारा गया था. वह मेरे बेटे को भी पकड़कर मार देंगे और उसको भी ये पता है. उसकी पूरी दुनिया खत्म हो गई है. वह बर्बाद हो गया. जब भी वह (टीचर) बात करना शुरू करता है तो वह टूट जाता है और रोता है. उसे लगता है सब छूट रहा है और ईमानदारी से उसे इस समय समझाना बहुत मुश्किल है, क्योंकि जो वो कह रहा है वो सच है.’

मामले के लिए स्कूल को बताया जिम्मेदार

टीचर के पिता इस स्थिति के लिए स्कूल को जिम्मेदार मानते हैं. उन्होंने कहा, ‘मेरे बेटे को जान-बूझकर मौत के मुंह में फेंका गया. जो पाठ वह पढ़ा रहा था, जिसमें पैगंबर मोहम्मद की तस्वीर थी, उसे पढ़ाने के लिए स्कूल ने ही मंजूरी दी थी. बाकी टीचर्स भी यही करते, जो मेरे बेटे ने किया. स्कूल को उसके लिए लड़ना चाहिए और प्रदर्शनकारियों को स्पष्ट करना चाहिए कि अगर गलती हुई भी है तो उसमें मेरा बेटा दोषी नहीं है. ये स्कूल की नीति में था कि उस तस्वीर को दिखाया जाए. ये उसका व्यक्तिगत फैसला नहीं था.’





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