July 26, 2021

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Benjamin Netanyahu की कुर्सी पर बढ़ रहा है खतरा, भ्रष्टाचार मामले में हुई कोर्ट में पेशी


यरूशलम: इजराइल (Israel) में भ्रष्टाचार का मामला प्रधानमंत्री बेंजामिन नेतन्याहू (Benjamin Netanyahu) का पीछा नहीं छोड़ रहा है. वे अपने खिलाफ चल रहे भ्रष्टाचार के मामले में सोमवार को अदालत में पेश हुए. 

कोर्ट में शांत दिख रहे थे नेतन्याहू

अपने वकीलों के साथ यरूशलम (Jerusalem) जिला अदालत में पहुंचे नेतन्याहू काफी शांत दिख रहे थे. मुख्य अभियोजक लियात बेन आरी ने कोर्ट में उनके खिलाफ लगे आरोपों का उल्लेख किया. उन्होंने कहा, ‘नेतन्याहू और बचाव पक्ष के बीच के संबंध चर्चा का विषय बन गए हैं. यह चर्चा लोक सेवक के फैसले को विकृत कर सकती है.’ नेतन्याहू के वकील ने इसका जवाब देना चाहा लेकिन न्यायाधीश रिवका फ्रीडमैन-फील्डमैन ने कहा कि वह पहले ही सुनवाई में आरोपों पर जवाब दे चुके हैं. इसके बाद अदालत ने कार्यवाही थोड़ी देर के लिए स्थगित कर दी, जिसके बाद नेतन्याहू अदालत कक्ष से बाहर आ गए.

नेतन्याहू पर भ्रष्टाचार के 3 बड़े आरोप

नेतन्याहू (Benjamin Netanyahu) के खिलाफ रिश्वत लेने, धोखाधड़ी करने और विश्वासघात करने के तीन मामले हैं. इनमें पहला मामला हॉलीवुड फिल्म निर्माता आर्नन मिलचन और ऑस्ट्रेलियाई अरबपति जेम्स पैकर समेत अपने कई अमीर दोस्तों से लाखों डॉलर के तोहफे लेने से जुड़ा है. दूसरे मामले में, नेतन्याहू पर उनकी सरकार का पक्ष लेने वाले छोटे अखबार के वितरण पर रोक लगाने के बदले में इजराइल के बड़े अखबार में सकारात्मक कवरेज कराने का प्रयास करने का आरोप है.

नेतन्याहू का सभी आरोपों से इनकार

तीसरा मामले में नेतन्याहू (Benjamin Netanyahu) पर इजराइली दूरसंचार कंपनी बेजेक के मालिक से मिलीभगत का आरोप है. आरोप के मुताबिक नेतन्याहू ने अपनी समाचार वेबसाइट ‘वाला’ पर सकारात्मक कवरेज के बदले में अखबार मालिक को फायदा पहुंचाने वाले लाखों डॉलर के कानून का समर्थन किया था. नेतन्याहू ने इन सब आरोपों से इनकार किया है. उनका दावा है कि मीडिया और कानून लागू करने वाली एजेंसी उन्हें सत्ता से हटाने के लिए झूठा आरोप लगा रही हैं. उनके खिलाफ यह सुनवाई पिछले साल शुरू हुई थी और यह अगले दो साल तक चल सकती है. 

2 साल में 4 बार हो चुके हैं चुनाव

बताते चलें कि बेंजामिन नेतन्याहू इजराइल (Israel) में सबसे अधिक वक्त तक सत्ता में रहने वाले प्रधानमंत्री हैं. दो साल से भी कम वक्त में चार बार हुए कठिन चुनावों में वे सत्ता हासिल करने में कामयाब रहे हैं. जबकि वे रिश्वत लेने, धोखाधड़ी और विश्वास हनन के आरोपों का सामना कर रहे हैं. पिछले महीने हुए चुनाव में नेतन्याहू जीत के काफी नजदीक थे लेकिन उन्हें कोई स्पष्ट जनादेश नहीं मिला. 

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सत्ता की चाभी अरब नेता के पास

अगली सरकार के गठन का मौका किस उम्मीदवार को दिया जाए. इस मुद्दे पर इजराइली राजनीतिक दलों के नेताओं की राष्ट्रपति रूवेन रिवलिन से मुलाकात शुरू हो चुकी हैं. वह जिस नाम की अनुशंसा करेंगे, उसे ही अगली सरकार बनाने की जिम्मेदारी दी जाएगी. इस बार इजराइली संसद ‘नेसेट’ (Neset) किसी भी दल को स्पष्ट जनादेश नहीं मिला है. ऐसे में सत्ता की चाभी इजराइल (Israel) की अरब इस्लामिस्ट पार्टी के नेता, मंसूर अब्बास के हाथों में आ गई है. हालांकि उन्होंने अभी किसी भी पार्टी का साथ देने पर अपना रुख साफ नहीं किया है. 

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