July 25, 2021

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ईरान ने माना- लाल सागर में नेवी के जहाज पर हुआ हमला; इजरायल पर शक


दुबई: ईरान के सरकारी टीवी चैनल ने यमन के निकट लाल सागर में वर्षों से खड़े ईरानी मालवाहक पोत पर हमले की बात बुधवार को स्वीकार की. ऐसा माना जाता है कि यह पोत अर्द्ध सैन्य बल ‘रेवोल्यूशनरी गार्ड’ का अड्डा है. ईरान के विदेश मंत्रालय ने एमवी साविज पर हमले की पुष्टि की.

पहली बार बोला ईरान

सरकारी टीवी ने विदेशी मीडिया का हवाला देते हुए यह बयान दिया, जो कि ‘एमवी साविज’ की संलिप्तता वाली रहस्यमयी घटना को लेकर ईरान की पहली टिप्पणी है. ऐसा संदेह है कि इजराइल ने यह हमला किया है. यह हमला ऐसे समय में किया गया है, जब ईरान और विश्व की अन्य शक्तियां ईरानी परमाणु समझौते में अमेरिका के पुन: शामिल होने की संभावना के बारे में पहली वार्ता के लिए वियना में बैठक कर रही हैं. 

सऊदी अरब करता रहा है विरोध

सऊदी अरब ने क्षेत्र में इस पोत की मौजूदगी की कई बार आलोचना की है. पश्चिमी और संयुक्त राष्ट्र विशेषज्ञों का कहना है कि ईरान ने यमन में हूती विद्रोहियों को हथियार और समर्थन मुहैया कराया है, लेकिन ईरान ने इस बात का खंडन किया है. ईरान का कहना है कि साविज लाल सागर और बाब अल-मंडब जलडमरूमध्य में ‘समुद्री डकैती विरोधी’ प्रयासों में मदद करता है.  सरकारी टीवी पर एक होस्‍ट ने ‘न्यूयॉर्क टाइम्स’ की उस रिपोर्ट का जिक्र किया, जिसमें एक अज्ञात अमेरिकी अधिकारी के हवाले से कहा गया है कि इजराइल ने अमेरिका को सूचित किया है कि उसी ने पोत पर मंगलवार सुबह हमला किया. जब इस बारे में इजराइली अधिकारियों से मंगलवार रात संपर्क करने की कोशिश की गई, तो उन्होंने इस पर टिप्पणी करने से इनकार कर दिया.

इजरायल ने हमले से किया इनकार, लेकिन आक्रामकता दिखाई

इस बीच, ईरान और उसके क्षेत्रीय सहयोगियों को एक बड़ा खतरा बताते हुए इजराइल के रक्षा मंत्री बेनी गैंट्ज ने हमले के आरोप से इनकार कर दिया. गैंट्ज ने पत्रकारों से कहा, ‘इजराइल अपना बचाव करता रहेगा. कहीं भी यदि हमें अभियान में चुनौती दी गई और आवश्यकता पड़ी, तो हम कार्रवाई करना जारी रखेंगे.’ इजराइली प्रधानमंत्री बेंजामिन नेतन्याहू ने मंगलवार को कहा था, ‘हमें ईरान के साथ खतरनाक परमाणु समझौते में वापस नहीं लौटना चाहिए, क्योंकि परमाणु हथियारों से लैस ईरान इजराइल के अस्तित्व और पूरे विश्व की सुरक्षा के लिए खतरा है.’

ईरान ने नहीं लिया किसी हमलावर का नाम

ईरानी राष्ट्रपति हसन रूहानी ने बुधवार को अपने मंत्रिमंडल से बात करते हुए वियना वार्ता को ‘सफल’ करार दिया. उन्होंने कहा, ‘आज, एक संयुक्त बात सुनी जा रही है कि परमाणु समझौते के सभी पक्षों ने निष्कर्ष निकाला है कि समझौते से बेहतर कोई समाधान नहीं है.’ ‘गार्ड’ की करीबी समझी जाने वाली ईरान की अर्द्धसरकारी ‘तासनिम’ संवाद समिति ने मंगलवार देर रात हमले की जानकारी देते हुए कहा था कि साविज पर लगाए गए विस्फोटकों में विस्फोट हो गया. उसने हमले के लिए किसी को जिम्मेदार नहीं ठहराया था.

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अमेरिका ने भी किया हमले से इनकार

इस बीच, अमेरिकी सेना की मध्य कमान ने एक बयान में केवल यह कहा कि वह ‘लाल सागर में साविज की संलिप्तता वाली घटना संबंधी मीडिया रिपोर्टों को लेकर अवगत’ है. उसने कहा, ‘हम इस बात की पुष्टि कर सकते हैं कि इस घटना में अमेरिकी बलों की कोई संलिप्तता नहीं है. हमारे पास कोई अतिरिक्त जानकारी मुहैया कराने के लिए नहीं है.’ सऊदी सेना को मिली तस्वीरों में पोत पर सैन्य वर्दी पहने लोग और पोत को यमनी तट पर लाने में सक्षम छोटी नौकाएं दिख रही हैं.





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