July 26, 2021

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Rajasthan में बढ़ रहे महिलाओं के खिलाफ अपराध, महिला आयोग अध्यक्ष ने CM से मिलने का मांगा समय


Jaipur : भारतीय जनता पार्टी ने एक बार फिर से प्रदेश में महिलाओं के खिलाफ़ अपराध का मुद्दा एक बार फिर से उठाया है. बीजेपी के प्रदेश अध्यक्ष सतीश पूनिया (Satish Poonia) की अगुवाई में एक प्रतिनिधिमंडल ने राष्ट्रीय महिला आयोग (National Women Commission) की अध्यक्ष रेखा शर्मा से मिलकर महिला अपराध के मामलों में संज्ञान लेने की मांग की. इस मुलाकात के दौरान प्रदेश में महिला आयोग का गठन नहीं होने को लेकर खुद राष्ट्रीय महिला आयोग ने सवाल उठाए, तो सरकार की प्रशासनिक कमजोरी का मुद्दा भी बीजेपी अध्यक्ष सतीश पूनिया और दूसरे नेताओं ने उठाया. सतीश पूनिया ने तो यहां तक कह दिया कि बढ़ते अपराध से ऐसा लगता है जैसे सिर्फ देश में ही नहीं…बल्कि दुनियाभर में राजस्थान अपराधों की राजधानी बन गया हो.

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पिछले दिनों विधानसभा में लॉ एण्ड ऑर्डर का मुद्दा उठाने के बाद बीजेपी अब महिला आयोग और अनुसूचित जाति आयोग जैसी संवैधानिक संस्थाओं के प्लेटफॉर्म्स पर भी सरकार (Rajasthan Government) के खिलाफ आवाज उठा रही है. इसी कड़ी में बुधवार को राष्ट्रीय महिला आयोग की अध्यक्ष रेखा शर्मा से बीजेपी के प्रतिनिधि मंडल ने मुलाकात की. बीजेपी प्रदेश अध्यक्ष सतीश पूनिया की अगुवाई में हुई इस मुलाकात के दौरान बीजेपी नेताओं ने सरकार पर अकर्मण्यता के आरोप लगाए. प्रदेश में पूर्णकालिक गृहमंत्री नहीं होने का मुद्दा उठाया, तो इसके साथ ही आपराधिक घटनाओं को रोकने में सरकार पर विफलता के आरोप भी लगाए. 

अपनी दलील देते हुए बीजेपी नेताओं ने केंद्रीय मंत्री प्रकाश जावड़ेकर (Prakash Javadekar) की तरफ से जारी किए गए मार्च कैलेंडर का जिक्र भी किया. बीजेपी प्रदेश अध्यक्ष सतीश पूनिया ने कहा की कई बार तो सिलसिलेवार घटनाएं हो रही है. उन्होंने कहा कि 80 हजार से ज्यादा मुकदमे महिला अपराध के दर्ज हुए हैं और यह चिंताजनक है. बीजेपी के प्रतिनिधि मंडल ने अपनी तरफ से दिए ज्ञापन में झालावाड़ में सामूहिक दुष्कर्म (Jhalawar Gang Rape) और पुलिस थाने में दुष्कर्म जैसे मामलों के साथ ही राजस्थान (Rajasthan News) के प्रत्येक संभाग में हुए दुष्कर्म समेत दूसरे महिला अपराधों के मामले गिनाए.

इधर राष्ट्रीय महिला आयोग की अध्यक्ष रेखा शर्मा (Rekha Sharma) ने भी पूरी बात को गम्भीरता से सुना भी और पुलिस से हुई बातचीत के बारे में भी बताया. आयोग की अध्यक्ष रेखा शर्मा ने कहा कि डीजीपी ने प्रदेश में फ्री FIR की बात कही है. इसके साथ ही उन्होंने राज्य में महिला आयोग का गठन नहीं होने पर सवाल उठाये. रेखा शर्मा ने कहा कि महिला आयोग जैसी संस्था सीधे तौर पर अपराध नहीं रोक सकती, लेकिन पुलिस और प्रशासन को घटनाओं के प्रति संवेदनशील करने और पीड़ित को त्वरित न्याय दिलाने में तो मदद करती ही है. इसके साथ ही राष्ट्रीय महिला आयोग अध्यक्ष ने कहा कि उन्होंने पूरे मामले पर मुख्यमंत्री (CM Ashok Gehlot) से भी मुलाकात का समय मांगा है. उन्होंने कहा कि पुलिस को जेण्डर सेनेटाइज करना जरूरी है.

इस दौरान बीजेपी प्रदेशाध्यक्ष ने सरकार की नीयत पर सवाल उठाते हुए कहा कि ऐसा लगता है कि कानून व्यवस्था और प्रदेश की बहन बेटियों की सुरक्षा सरकार की प्राथमिकता ही नहीं हैं. पूनिया ने कहा कि प्रदेश में महिला अपराध के 80 हज़ार मुकदमों में से 12 हजार तो दुष्कर्म (Rape) जैसी वारदात के हैं. उन्होंने कहा कि इस सबको देखकर ऐसा लगता है जैसे राजस्थान केवल देश में ही नहीं बल्कि दुनियाभर में अपराधों की राजधानी हो गया हो. पूनिया ने कहा कि कांग्रेस पार्टी (Congress) के चुनावी घोषणापत्र में होने के बावजूद सवा दो साल में महिला आयोग का गठन नहीं होना भी सवाल खड़े करता है. 

सरकार (Rajasthan Government) की नीयत पर सवाल उठाने के साथ ही सतीश पूनिया ने ऐसी घटनाएं रोकने के लिए कुछ सुझाव भी दिए हैं. उन्होंने कहा कि अच्छी पुलिसिंग की व्यवस्था के साथ ही इनहाउस क्राइम रोकने के लिए सोशल कैम्पेल चलाने चाहिए. इस तरह की घटनाओं को रोकने के लिए लाइटिंग और सर्विलांस कैमरा की व्यवस्था के साथ ही पुख्ता एक्शन प्लान सरकार को बनाना चाहिए. 

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