July 31, 2021

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Dungarpur में इस साल नहीं होगी पीने के पानी की कमी, जलदाय विभाग ने बनाया Plan!


Dungarpur: गर्मी का मौसम शुरू होते ही क्षेत्रों में पेयजल संकट (Drinking water crisis) पैदा हो जाता है लेकिन डूंगरपुर (Dungarpur) जिले में गर्मी के मौसम में इस तरह के हालत पैदा न हो, इसके लिए डूंगरपुर जलदाय विभाग (Dungarpur Water Supply Department) ने अपनी तैयारियां कर ली हैं.

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इसमें जलदाय विभाग ने 70 गांव और ढाणियों को छोड़कर बारिश से पहले कहीं भी पेयजल की किल्लत नहीं होने का दावा किया है, वहीं, हैंडपंप पर निर्भर 70 गांव और ढाणियों में पेयजल संकट की स्थिति आने पर टेंकर से जलापूर्ति का रोडमेप भी तैयार कर लिया है.

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गर्मियों के मौसम में पेयजल की किल्लत शुरू हो जाती है और लोगों को पीने का पानी भी मुनासिब नहीं हो पाता है. ऐसे में डूंगरपुर जिले के पेयजल स्रोत में कितना पानी बचा है और जलदाय विभाग की निर्बाध पेयजल सप्लाई को लेकर क्या प्लानिंग है, इसको लेकर विभाग के अधिकारियों का दावा है कि इस बार जिले के पेयजल स्त्रोत में पर्याप्त पानी उपलब्ध है. इससे लोगों को गर्मियों में भी पीने का पानी उपलब्ध हो सकेगा. डूंगरपुर जिले में पेयजल स्त्रोत पर नजर दौड़ाएं तो सोमकमला आंबा बांध सहित 5 प्रमुख पेयजल स्त्रोत हैं, जिससे डूंगरपुर और सागवाड़ा शहर सहित कई गांवों में पानी की सप्लाई होती है.

क्या कहना है जलदाय विभाग के अधिकारियों का
जलदाय विभाग के अधिकारियों के मुताबिक, डूंगरपुर जिले में सबसे बड़ा पेयजल स्त्रोत सोमकमला आंबा बांध है, जहां से आसपुर विधानसभा क्षेत्र के 61 गांवों में 1 लाख 30 हजार की आबादी को शुद्ध पेयजल मुहैया करवाया जाता है. सोमकमला आंबा से प्रतिदिन 103 लाख लीटर पानी की सप्लाई होती है. जलदाय विभाग के अधिकारियों ने बताया कि बांध में अभी पर्याप्त पानी उपलब्ध है, जिससे पूरे गर्मियों के सीजन में लोगों को पीने का पानी मिल सकेगा.

डिमिया और एडवर्ड समंद बांध की स्थिति
इसके अलावा डूंगरपुर शहर में डिमिया और एडवर्ड समंद बांध से 60 हजार की आबादी को पानी उपलब्ध करवाया जाता है.  डिमिया 26 फीट और एडवर्ड समंद में 21 फीट तक भरा हुआ है, यहां से रोजाना 42 लाख लीटर पानी शहर में सप्लाई होता है. बांध में पानी भरा होने से गर्मियों के सीजन में पानी की किल्लत नहीं होने का दावा विभाग के अधिकारियों ने किया है. इसी तरह लोडेश्वर बांध से सागवाड़ा नगर सहित 18 गांवो में 72 हजार की आबादी को 60 लाख लीटर पानी प्रतिदिन सप्लाई होता है. वहीं, अमरपुरा बांध से सीमलवाड़ा कस्बा सहित 11 गांवों की करीब 30 हजार की आबादी को पेयजल उपलब्ध करवाया जाता है.

इन जगहों के लिए हैंडपंप ही हैं सहारा
जिले के चिखली, गलियाकोट, सीमलवाड़ा और सागवाड़ा पंचायत समिति क्षेत्र के 70 गांव और ढाणियां ऐसे हैं, जहां पेयजल के लिए हैंडपंप ही एकमात्र सहारा है. इन गांवों में पेयजल को लेकर अन्य कोई योजना संचालित नहीं हैं. ऐसे में गर्मियों के दिनों में अक्सर गर्मी बढ़ने के साथ ही भू-जल स्तर गहराई में चला जाता है या फिर हैंडपंप सुख जाते हैं. ऐसी स्थिति में लोगों को पीने के लिए पानी उपलब्ध करवाना सबसे बड़ी चुनौती है हालाकि इन गांवों में पेयजल संकट से निपटने के लिए जलदाय विभाग ने अपना रोडमैप बना लिया है.  

क्या कहना है जलदाय विभाग के एक्सईएन का
जलदाय विभाग के एक्सईएन प्रमोद कुमार ने बताया कि टैंकरों से पेयजल सप्लाई जिला कलेक्टर के निर्देश पर तैयारी कर ली गई है. इसके लिए टैंडर कर लिए गए हैं. उन्होंने कहा कि जिले की इन 70 गांव ढाणियों में पेयजल संकट आने पर टैंकर्स से पानी की आपूर्ति की जायेगी, वही इसके अलावा भी जहा कही भी पानी की समस्या आएगी वहां पर टैंकरों से पानी की सप्लाई कर लोगों की जरूरतों को पूरा करने का प्रयास किया जाएगा.

बहरहाल, डूंगरपूर जलदाय विभाग गर्मी के मौसम में जिले के जलाशयों में पानी की उपलब्धता व टैंकर्स से जलापूर्ति की व्यवस्था की प्लानिंग के भरोसे पेयजल संकट नहीं आने के दावा कर रहा है लेकिन देखने वाले वाली बात होगी कि पेयजल संकट के दौरान लोगों के गले की प्यास बुझाने में विभाग के दावे और प्लानिंग कितनी कारगर साबित होती है. 

Reporter-  Akhilesh Sharma

 





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