August 2, 2021

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भगवान राम ने जहां किया था पूरी बारात संग विश्राम, अब बदलने वाले हैं उस बांसी नदी के दिन


कुशीनगर:  कुशीनगर से होकर बहने वाली विलुप्त होती बांसी नदी के दिन अब बदलने वाले हैं.  बांसी नदी की अपनी पौराणिक और धार्मिक पहचान के जानी जाती है. मान्यता के अनुसार,  माता सीता संग विवाह के बाद भगवान राम बारात के साथ जनकपुर से वापस अयोध्या लौट रहे थे. तब इस नदी के किनारे पर उन्होंने अपनी बारात के साथ विश्राम किया था. सभी के साथ आचमन और स्नान किया था. इसको लेकर कुशीनगर महोत्सव समिति के अध्यक्ष विनय राय लंबे समय से मेहतन कर थे. वह अपने स्तर पर सफाई की कोशिश कर रहे थे. अब उनकी कोशिशें रंग लाई है.  दरअसल, विलुप्त होती इस नदी के संरक्षण के लिए जल शक्ति मंत्री महेंद्र सिंह ने निर्देश दे दिए हैं.

मंत्री ने दिए अधिकारियों को निर्देश
जल शक्ति मंत्री महेंद्र सिंह का कहना है कि नदी का जीर्णोद्धार होना चाहिए. जिस रास्ते से भगवान राम अपनी ससुराल गए, उसका भी जीर्णोद्धार होना चाहिए. इसके लिए जिलाधिकारी को निर्देश दे दिए गए हैं. उनसे कहा है कि रिपोर्ट बनाएं और उस पर कार्य भी शुरू करें. 

सक्रिय हुआ प्रशासन
मंत्री के आदेश के बाद प्रशासन तुरंत सक्रिय हो गया. कुशीनगर के जिलाधिकारी, CDO और SDM समेत तमाम आलाधिकारियों ने मौके पर जाकर निरीक्षण किया.  जिले में पड़ने वाली बांसी नदी की साफ-सफाई के लिए आदेश जारी किया, ताकि नदी की धारा को अविरल बनाए रखा जा सके. 

स्थानीय लोग ने जताई है खुशी 
भगवान से जुड़ी  बांसी नदी के उद्धार को लेकर स्थानीय लोग में खुशी है. लिहाजा स्थानीय लोग भी इसकी तारीफ कर रहे हैं.  स्थानीय सामजसेवी गौरव तिवारी का कहना है कि नदी को विश्व पटल पर लाने के लिए विनय राय बधाई के पात्र हैं. जल्द से काम पूरा किया जाना चाहिए. अब बस ये सवाल है कि नदी अपनी मूल स्वरूप में कब तक आ पाएगी? 

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