July 26, 2021

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‘हैप्‍पी स्‍कूल’ कॉन्सेप्ट ने बदली यूपी के परिषदीय विद्यालय की सूरत, अब पढ़ाई के साथ बच्चों की सिखाई जाएंगे ये गुण


लखनऊ: प्रदेश की योगी सरकार ने देश की टॉप कंपनियों के सहयोग से UP के प्राथमिक और उच्‍च प्राथमिक विद्यालयों की तस्‍वीर बदलनी शुरू कर दी है. सरकार ने HCL के सहयोग से यूपी के 517 परिषदीय विद्यालयों को हैप्‍पी स्‍कूल में तब्‍दील कर दिया है. इन स्‍कूलों में बच्‍चों को पढ़ाई के साथ-साथ खुश रहने का पाठ भी पढ़ाया जाता है. इसमें हरदोई के 350 स्‍कूल हैप्‍पी स्‍कूल में बदल चुके हैं, जबकि सोनभद्र, श्रावस्‍ती समेत कई जिलों में हैप्‍पी स्‍कूल के कॉन्सेप्ट पर काम शुरू हो चुका है. 

पढ़ाई के साथ खेलकूद भी 
HCL के ऑपरेशन हेड योगेश कुमार के मुताबिक सीएम योगी आदित्‍यनाथ के प्रदेश की कमान संभालने के बाद एचसीएल ने परिषदीय स्‍कूलों को हैप्‍पी स्‍कूल बनाने के लिए एक समझौता किया था. हरदोई जिले से इसकी शुरुआत की गई. वहीं, एचसीएल की कीर्ति करमचंदानी बताती हैं कि अब तक हरदोई के 350 स्‍कूलों को हैप्‍पी स्‍कूल बनाया जा चुका है. स्‍कूल के अंदर बच्‍चों के खेलकूद, पढ़ाई के साथ खुश रहने की हर चीज मौजूद है. 

तैयार किया अपना अलग कंटेंट 
कीर्ति बताती हैं कि प्राथमिक विद्यालयों में कक्षा एक और दो के छात्रों के लिए आईटीसी पाठयक्रम तैयार कराया. यह कंटेंट पूरी तरह से एनिमेटेड था. स्‍कूल में पढ़ाने के लिए माध्‍यमिक शिक्षा परिषद से इसका अनुमोदन भी लिया गया. इसमें बच्‍चों के हैप्‍पीनेस से जुड़े हुए विषय भी शामिल किए गए. उन्‍होंने बताया कि अब कक्षा 5 तक के छात्रों के लिए कंटेंट तैयार किया जा रहा है. इसका अनुमोदन भी बोर्ड से लिया जाएगा. 

इन चीजों के बारे में किया जाएगा जागरूक
कीर्ति करमचंदानी ने बताया कि हैप्‍पी स्‍कूल में बच्‍चों के व्यक्तिगत विकास के साथ दिमागी तौर पर स्पष्टता और एकाग्रता बढ़ाने का काम किया जाता है. हैप्‍पी स्‍कूल में  बच्‍चों को क्रिटिकल  थिंकिंग उत्‍सुकता , बेहतर संवाद के साथ तनाव दूर रखने और तमाम तरह के हालात से निपटने के बारे में पढ़ाया जाता है. 

दूसरे जिले भी ले रहे हैं सुझाव 
कीर्ति ने बताया कि यूपी के अन्‍य जिले भी अपने परिषदीय विद्यालयों को हैप्‍पी स्‍कूल बनाने में उनके सुझाव ले रहे हैं. श्रावस्‍ती, सोनभद्र और शामली समेत कई जिलों के जिलाधिकारियों ने उनसे हैप्‍पी स्‍कूल में पढ़ाया जाने वाला कंटेंट और सुझाव उनसे मांगे थे, जो उनको उपलब्‍ध करा दिए गए हैं. इसके अलावा उनको तकनीकी सहायता भी देने का काम किया जा रहा है. उन्‍होंने बताया कि हैप्‍पी स्‍कूल को एक मॉडल के रूप में तैयार किया गया है. 

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