June 23, 2021

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जनता को अस्पतालों में खाली बेड की सूचना ऑनलाइन मिले: ACS


Jaipur: कोरोना की दूसरी लहर में आंकड़ों में लगातार इजाफा होता जा रहा है. राज्य सरकार के निर्देशों के बाद सबसे ज्यादा कोरोना वायरस वाले जिलों में प्रभारी सचिवों को भेजा गया और उन जिलों का फीडबैक मंगवाया गया. इसी क्रम में जयपुर जिलें में कोविड-19 की दूसरी लहर से संक्रमण की रोकथाम के लिए नियुक्त जिला प्रभारी सचिव और PHED के अतिरिक्त मुख्य सचिव सुधांश पंत ने पुलिस, जिला प्रशासन, चिकित्सको साथ मे कोविड मैनेजमेंट में लगाये गए नोडल अधिकारियों की सचिवालय में बैठक लेकर फीडबैक लिया और हर सम्भावित स्थिति को ध्यान में रखते हुए सभी प्रकार की तैयारी रखने के निर्देश दिए.

अस्पतालों में खाली बैड की जानकारी ऑनलाइन मिले
राज्य सरकार के निर्देशों के बाद जिलों के प्रभारी सचिवों ने अपने-अपने जिलों में पहुंचकर जिला स्तरीय अधिकारियों से फीडबैक लिया. जयपुर जिला प्रभारी सचिव सुधांश पंत ने सचिवालय में बैठक बुलाकर कोरोना के लगातार बढ़ते हुए मामलों के देखते हुए हर सम्भावित स्थिति को ध्यान में रखते हुए सभी प्रकार की तैयारी रखने के निर्देश दिए. 

ACS ने अधिकारियों से कहा कि Mobile App के माध्यम से लोगों को लाइव अपडेट मिले कि किस अस्पताल में कितने बेड, कितने ICU बैड, कितने वेंटीलेटर बैड आदि खाली हैं, जिससे उन्हें अस्पतालों के चक्कर नहीं काटने पड़े. उन्होंने कहा कि App के बारे में लोगों को बताने के लिए पर्याप्त प्रचार प्रसार भी किया जाए. 

उन्होंने अधिकारियों से सैंपलिंग बढ़ाने तथा अस्पतालों में बेड और ऑक्सीजन की पर्याप्त व्यवस्था सुनिश्चित करने के लिए भी निर्देश दिए.

टीम के रूप में करना होगा काम, तभी होगा प्रबंधन अच्छा
जयपुर जिले में कोरोना प्रबंधन के बारे में उच्च स्तरीय समीक्षा बैठक की अध्यक्षता करते हुए ACS सुधांश पंत ने जयपुर के सरकारी और निजी चिकित्सालयों में बेड, ऑक्सीजन, वेंटीलेटर और अन्य मेडिकल उपकरणों, व्यवस्थाओं की वर्तमान स्थिति, आने वाले समय में अधिक आवश्यकता होने पर आपूर्ति की पूर्व व्यवस्थाओं के बारे में जानकारी ली.

उन्होंने कहा कि रोगियों की बढ़ती हुई संख्या को देखते हुए सभी मरीजों के लिए ऑक्सीजन की पर्याप्त व्यवस्था सुनिश्चित करने की चुनौती को सख्त निगरानी और समुचित प्रबंधन से ही पूरा किया जा सकता है. उन्होंने अधिकारियों से कहा कि संकट के इस समय में जिले के सभी विभागों को एक टीम की तरह काम करना होगा, तभी संसाधनों का समुचित उपयोग और प्रबंधन संभव हो सकेगा.

निजी चिकित्सालयों की निगरानी रखें
कोरोना की टैस्टिंग बढ़ाने के साथ-साथ यह भी जरूरी है कि लोगों को रिपोर्ट समय पर मिले. उन्होंने अधिकारियों को कहा कि वे सरकारी तथा निजी लेबोरेट्री द्वारा लोगों को 24 घंटे की अवधि में रिपोर्ट दिलाया जाना सुनिश्चित करे. उन्होंने कहा कि जिला प्रशासन के स्तर से निजी चिकित्सालयों द्वारा 50 प्रतिशत बेड कोविड के लिए आरक्षित किए जाने की भी मॉनिटरिंग की जाए.
 
ऑक्सीजन के लिए सरकार कर रही प्रयास
अतिरिक्त मुख्य सचिव सुधांश पंत ने कहा कि राज्य सरकार की ओर से ऑक्सीजन की पर्याप्त सप्लाई सुनिश्चित करने के लिए हर स्तर पर प्रयास किए जा रहे हैं. ऑक्सीजन की कमी नहीं हो इसके लिए अधिकारी लोकल स्तर पर भी ऑक्सीजन प्रबंधन के प्रयास करें.

उन्होंने अधिकारियों से PPE Kit और मास्क के साथ साथ आवश्यक दवाइयों की उपलब्धता सुनिश्चित करने के लिए भी कहा. उन्होंने कहा कि जिन स्थानों पर कोरोना संक्रमण के ज्यादा केस आ रहे हैं, वहां राज्य सरकार के दिशा- निर्देशों के अनुरूप कन्टेनमेंट तथा माइक्रो कन्टेन्मेंट जोन बनाए जाएं.





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