पति के दोस्तों की बदनीयती का शिकार ‘बालिका वधू’, न्याय के बदले पुलिस मांग रही ‘कीमत’


Jodhpur: फलोदी के चाखू थानांतर्गत मोटाई गांव निवासी एक बालिका वधू अपने छोटे-छोटे बच्चों के साथ आज न्याय के लिए दर दर की ठोकरें खाने को मजबूर है, इसकी न तो गांव के चौधरी सुनवाई कर रहे हैं और न ही पुलिस अधिकारी.

दरअसल, बालिका वधू की ये दास्तां फलोदी के चाखू थानांतर्गत मोटाई गांव की है. यहां अपने पति सहित ससुराल पक्ष के लोगों से परेशान आज पिछले तीन सालों से पीहर रहने को मजबूर हैं. ससुराल पक्ष के जुल्मों से परेशान इस बालिका वधू ने आप बीती बताते हुए कहा कि आज उसकी दुख भरी दास्ता कोई सुनने वाला नहीं है.

बालिका वधू ने कहा कि उसकी शादी उसके मामा ने मां के बिना पूछे करवा दी थी. उस समय उसकी उम्र महज 13 साल थी जबकि पति की उम्र उस वक्त 35 से पार थी. एक साल बाद यानी 14 साल की उम्र में उसको एक बच्चा हो गया था. तब से ससुराल पक्ष के लोगों द्वारा उसे प्रताड़ित करना शुरू कर दिया गया था.

इतना ही नहीं गांव व परिवार के कुछ लड़के उसपर गलत दृष्टि रखने लगे जब वो पति से शिकायत करती तो उल्टा पति शराब के नशे में उसके साथ बेरहमी से मारपीट करता.पीड़िता ने बताया कि गांव के ही कुछ दबंग प्रवृत्ति के लोग उसके घर में घुसकर उसके साथ कई बार बदतमीजी व छेड़छाड़ करते रहे. लेकिन उसका पति किसी का भी विरोध नहीं करता था.

थक हार कर पीड़िता ने पुलिस थाना चाखु में पति सहित कुछ नामजद आरोपियों के खिलाफ मामला भी दर्ज करवाया. लेकिन पुलिस के साथ ससुराल पक्ष के लोगों ने मिलीभगत कर मामले को रफा-दफा करवा दिया. अपने पति सहित ससुराल पक्ष के लोगों की बेरहमी से परेशान ये बालिका वधू अब अपने छोटे-छोटे बच्चों को लिए सड़कों पर पैदल चलकर फलोदी, जोधपुर पुलिस व प्रशासनिक अधिकारियों की चौखट पर न्याय की भीख मांग रही है. 

बता दें कि गावों में खाप पंचायतें अपने फरमान जारी करने के बाद किसी भी कानून को नहीं मानती हैं. ऐसे में इस अबला के ससुराल पक्ष के लोगों की दबंगई के आगे पुलिस भी नतमस्तक दिख रही है. बालिका वधू ने बताया कि चाखू थाना के कुछ पुलिस कर्मियों द्वारा न्याय के बदले उससे दोस्ती करने की बात भी कही, जो वर्दी की सारी गरिमाएं तार-तार करने जैसा है.

(इनपुट-अरूण हर्ष)



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