June 20, 2021

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DNA Analysis: Corona के नए वैरिएंट से बचाता है डबल मास्क, लेकिन इस बात का रखें खास ध्यान


नई दिल्ली: कोरोना (Coronavirus) महामारी की वजह से देश के हालात इस समय बहुत खराब चल रहे हैं. इस समय अस्पतालों में मरीजों तक ऑक्सीजन पहुंचाना सबसे ज्यादा जरूरी है. जहां पिछले कुछ दिनों से लोगों की लम्बी लम्बी लाइनें लग रही हैं. इससे पहले इसी तरह की लाइनें पानी के लिए भी लगती थी. दूर के इलाकों, जहां पानी का संकट आज भी है, वहां लोग इसी तरह पानी के लिए लाइनों में खड़े हो जाते हैं.

कई दशक पहले बिकना शुरू हुआ था पानी

इन दोनों लाइनों में अंतर सिर्फ़ इतना है कि पानी के लिए लोग बर्तन लेकर कतार में खड़े दिखते हैं और ऑक्सीजन के लिए लोगों के पास सिलिंडर होता है. ये दोनों ही कतारें हमें ये बताने के लिए काफ़ी हैं कि जो कई दशकों पहले पानी के मामले में हुआ था, वही अब हवा को लेकर भी हो रहा है. कई दशक पहले जब पानी बिकना शुरू हुआ था तो लोगों ने इसे मजाक समझा था. लोग कहते थे कि पानी कौन खरीदेगा क्योंकि पानी तो प्रकृति की अनमोल धरोहर है और इसे बेचने वाला मूर्ख ही हो सकता है.

तब इस बात को इंसानों ने गम्भीरता ने नहीं लिया और अब अकेले भारत में बोतल बन्द पानी का कारोबार सालाना 16 हजार करोड़ रुपये का हो गया है. यानी जो गलती पानी पर हमसे हुई. फिर LPG के लिए जो लाइनें लगीं..वही अब ऑक्सीजन पर हो रहा है. हमें लगता है कि जिस तरह से आज ऑक्सीजन बिक रही है, उससे आने वाले समय में इसकी कीमत काफी बढ़ जाएगी और वही व्यक्ति सांस ले पाएगा, जिसकी जेब में पैसे होंगे.

हमारे देश में लोग अक्सर कहते हैं.. एक से भले दो. हम भी आपसे यही कहना चाहते हैं. अगर आप एक की जगह दो मास्क लगाएंगे, यानी डबल मास्क लगाएंगे तो आप ख़ुद को कोरोना वायरस से संक्रमित होने से बचा सकते हैं. वो कैसे इसे सरल भाषा में समझिए. 

काफी देर तक हवा में रह सकता है नया वैरिएंट

कई अध्ययन में ये बात सामने आई है कि इस बार कोरोना वायरस (Coronavirus) का नया वैरिएंट ज़्यादा देर तक हवा में रह सकता है. इसे Airborne Transmission कहते हैं यानी हवा के माध्यम से फैलने वाला संक्रमण. इसे आप ऐसे समझिए कि वायरस का जो नया स्ट्रेन है, वो Micro यानी छोटे छोटे Droplets में है. जो सतह पर गिरने की जगह हवा में काफ़ी देर तक बना रहता है. ऐसे में अगर आपने सही से अपने चेहरे को कवर नहीं किया है तो ये आपको संक्रमित कर सकता है.

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इसी से बचने के लिए आपको Double मास्क यानी एक के ऊपर एक दो मास्क पहनने हैं. CDC के एक अध्ययन में बताया गया है कि अगर लोग दो मास्क पहनें तो इससे कोरोना(Coronavirus)  के मामलों में 96.4 प्रतिशत की कमी आ सकती है. यानी दो मास्क लगाने से आप जल्दी संक्रमित नहीं होंगे. अगर आप भीड़ वाले इलाक़े में हैं, तो भी डबल मास्क आपको कोरोना से बचाने में मददगार होगा.

डबल मास्क से ही हो सकता है कोरोना से बचाव

वो ऐसे कि जब आप दो मास्क पहनते हैं तो इससे आपके नाक और मुंह पर 6 या उससे ज़्यादा लेयर का कवच बन जाता है. अभी जितने भी मास्क बाज़ार में आ रहे हैं, वो तीन लेयर वाले हैं. डॉक्टरों का मानना है कि वायरस मास्क की 6 लेयर को भेद कर आपके मुंह और नाक तक नहीं पहुंच सकता. इसलिए एक नहीं, आपको दो दो मास्क लगाने चाहिए.

अभी भारत में जो मास्क सबसे ज़्यादा इस्तेमाल हो रहे हैं. उनमें पहला है सर्जिकल मास्क, दूसरा है कपड़े का मास्क और तीसरा है N95 मास्क. अध्ययन में बताया गया है कि अगर आप N-95 मास्क लगाते हैं तो दो मास्क लगाने की ज़रूरत नहीं है, क्योंकि इसमें वायरस के Micro Droplets के जाने का ख़तरा कम होता है. लेकिन अगर आप सर्जिकल या कपड़े वाला मास्क पहन रहे हैं तो आपको दो मास्क लगाने चाहिए.

मास्क सही तरीके से पहनना सीखें

इसके अलावा मास्क की फिटिंग सबसे ज़्यादा ज़रूरी है. आपको ये सुनिश्चित करना है कि मास्क आपके मुंह और नाक दोनों को अच्छे से कवर करता हो..
अभी आप बहुत सारे ऐसे लोगों को देखते होंगे, जिनका मास्क खिसक कर नाक से नीचे चला जाता है. वो एक दो बार तो इसे ऊपर करते हैं लेकिन फिर थक कर मास्क को ऐसे ही पहनने लगते हैं. और इससे उनके संक्रमित होने का ख़तरा बढ़ जाता है. इसलिए मास्क की फिटिंग भी ज़रूरी है.

इसे आप ऐसे समझिए कि अगर आप Medium Size की शर्ट पहनते हैं लेकिन दुकानदार आपको डबल XL की शर्ट दे देता है तो क्या आप उसे पहनेंगे. आप नहीं पहनेंगे क्योंकि वो साइज़ आपका नहीं है. यानी जैसे कपड़ों की फिटिंग ज़रूरी है, ठीक वैसे ही फिटिंग वाला मास्क पहनना भी ज़रूरी है.

पेट के बल लेटने से बढ़ती है ऑक्सीजन

अब हम आपको ये बताते हैं कि पेट के बल सोकर आप कैसे अपने शरीर में ऑक्सीजन का स्तर बढ़ा सकते हैं?. ये एक योगासन है. पेट के बल सोने की इस अवस्था को Prone Positioning कहते हैं. इसमें पेट के बल उल्टा होकर लेटना होता है. फिलहाल सोशल मीडिया पर इसे लेकर कई तरह की सलाह दी जा रही हैं और इनमें कई जानकारियां ऐसी हैं, जो आपके स्वास्थ्य पर ग़लत असर डाल सकती हैं. इसलिए अब हम आपको Prone Positioning से जुड़ी सही और ज़रूरी जानकारी बताते हैं.

जब कोई व्यक्ति कोरोना वायरस (Coronavirus) से संक्रमित होता है तो ये वायरस उस व्यक्ति के शरीर में सबसे ज़्यादा नुक़सान फेफड़ों को पहुंचाता है. गम्भीर मामलों में कोरोना वायरस से फेफड़ों की कोशिकाएं काम करना बन्द कर देती हैं. इसी से ऑक्सीजन लेने में परेशानी होती है. ऐसी स्थिति में डॉक्टर मरीज़ को ऑक्सीजन देने के लिए कई तरीके अपनाते हैं. और Prone Positioning भी उन्हीं में से एक है.

इस अवस्था में जब कोरोना का कोई मरीज़ पेट के बल लेटता है तो इससे फेफड़ों में निष्क्रिय पड़ी कोशिकाएं काम करने लगती हैं. डॉक्टरों की भाषा में कहें तो इससे Lungs की Elastic Properties पहले की तुलना में बेहतर स्थिति में आ जाती हैं और इससे फेफड़ों की कोशिकाएं भी थोड़ा सा खुल जाती हैं. और शरीर में ऑक्सीजन का स्तर बढ़ने लगता है.

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2 घंटे से ज्यादा उल्टा न लेटें

हालांकि इसका मतलब ये नहीं है कि आप घंटों इसी अवस्था में लेटे रह सकते हैं. केन्द्रीय स्वास्थ्य मंत्रालय ने बताया है कि इस अवस्था में 30 मिनट से दो घंटे तक ही लेटना चाहिए. ज्यादा अच्छे नतीजों के लिए आप चार से पांच तकियों का भी इस्तेमाल कर सकते हैं. इनमें एक तकिया आपको सिर के नीचे, एक या दो तकिए Chest के नीचे और एक तकिया दोनों पैरों के नीचे रखना चाहिए.

Pregnancy, नसों में खून के थक्के जमने और दिल की बीमारी में डॉक्टर इस अवस्था में लेटने की सलाह नहीं देते. इसलिए आपको इसका बहुत ध्यान रखना है. इसके अलावा खाना खाने के आधे घंटे बाद तक आपको इस तरह बिल्कुल नहीं लेटना है.

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