बिहार में शाम 6 बजे से लगेगा कर्फ्यू, पूरे राज्य में लागू होगी धारा 144, जानें नए नियम


Patna: बिहार में कोरोना संक्रमण (Coronavirus) के मामलों में तेजी से वृद्धि हो रही है. ऐसे में इस महामारी से निपटने के लिए बुधवार को राजधानी पटना (Patna) में सीएम नीतीश कुमार (Nitish Kumar) की अध्यक्षता में क्राइसिस मैनेजमेंट ग्रुप की बैठक (Crisis Management Group Meeting) हुई. 

इस बैठक में सीएम के अलावा प्रदेश के सभी बड़े अधिकारी मौजूद रहे. महामारी को लेकर इस बैठक में कई अहम फैसले लिए गए हैं. क्राइसिस मैनेजमेंट ग्रुप की बैठक में लिए गए कई फैसलों में से एक यह भी है कि शादी में किसी भी तरह से 50 से अधिक लोग व अंतिम संस्कार में 20 लोग ही शामिल हो सकते हैं.

दुकान शाम 4 बजे ही करना होगा बंद, शादी में 50 लोग ही आएंगे

बिहार सरकार ने आज की बैठक में फैसला लिया है कि कल से सभी दुकानें 6 बजे के बदले 4 बजे तक बंद हो जाएंगी. नाइट कर्फ्यू शाम 6 बजे से सुबह 6 बजे तक रहेगा. इसके साथ ही शादी में 50 और अंतिम संस्कार में 20 लोगों को ही शामिल होने की इजाजत दी गई है. शादी रात 10 बजे तक ही होगी और इसमें कोई डीजे या डांस नहीं होगा. लोगों का अंतिम संस्कार सरकारी खर्च पर होगा.

निजी व सरकारी कार्यालय में 25 फीसदी कर्मचारी आएंगे

बिहार सरकार ने फैसला लिया है कि सभी सरकारी, निजी कार्यालयों में 25 फीसदी ही कर्मी आएंगे. शेष वर्क फ्रॉम होम होंगे. इसके अलावा, सभी सरकारी, निजी कार्यालय शाम 4 बजे बंद हो जाएंगे. 1 साल के कॉन्ट्रैक्ट पर डॉक्टरों, आयुष चिकित्सकों, डेंटिस्टों, पारा मेडिकल स्टाफ, नर्स, लैब टेक्नीशियन आदि की बहाली वाक इन इंटरव्यू पर जल्द से जल्द होगी.

जांच में तेजी के लिए आरटी पीसीआर मशीनें खरीदी जाएंगी

बिहार सरकार ने जांच में तेजी लाने के लिए आरची पीसीआर मशीन खरीदने का फैसला किया है. उसके लिए मैनपावर की व्यवस्था होगी. सभी जिलों के वेंटिलेटर चालू होंगे. एम्बुलेंस हर जिले में किराये पर लिये जाएंगे. प बंगाल चुनाव से लौटे पुलिसकर्मियों की कोरोना जांच होगा. माइकिंग से लोगों को बताया जाएगा कि वहां की स्थानीय स्थिति क्या है.

मुजफ्फरपुर में कोरोना का अस्थाई अस्पताल खुलेगा

सरकार ने बुधवार की बैठक में मुजफ्फरपुर में कोरोना के लिए अस्थाई अस्पताल खोलने का फैसला लिया है. इसके साथ ही हेल्पलाइन को संवेदनशील, सुदृढ़ और उत्तरदायी बनाने का निर्देश दिया गया है. लोगों की शिकायतों का निराकरण हो, उनके सुझावों पर अमल हो. इसके लिए अस्पतालों में सुरक्षा के व्यापक इंतजाम होंगे.  डॉक्टरों व चिकित्सा कर्मियों की सुरक्षा की व्यवस्था के लिए जिला प्रशासन व गृह विभाग करेगा.



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