June 19, 2021

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और कुछ नहीं

एक तरफ डोली, दूसरी तरफ अर्थी, बिलखती बहन बोली-भाई तूने वचन पूरा किया


गोरखपुर: हर भाई का सपना होता है कि उसकी लाडली बहन की डोली शान से विदा हो, वो उसे कांधे पर उठाकर उसके सपनों की दुनिया तक ले जाए. मगर एक भाई सिर्फ वचन ही निभा सका, जब बहन की डोली को कांधा देने की बारी आई तो कोरोना संक्रमण उसकी सांसें छीन चुका था. ये घटना गोरखपुर के बड़हलगंज के पिपरडाडी गांव में घटी. एक तरफ बहन की डोली को विदा किया गया तो दूसरी ओर भाई की अर्थी को कंधा देकर अंतिम विदाई दी गई.

बहन की डोली विदा करने का वचन
20 साल पहले पिता का स्वर्गवास हो जाने के बाद घर का बेटा मनोज परिवार की जिम्मेदारी संभाल रहा था. 5 महीने पहले बहन की शादी भी तय कर दी थी. गुरुवार को धूमधाम से शादी होनी थी, लेकिन शादी के 3 दिन पहले ही मनोज की तबीयत खराब हो गई, सांस लेने में दिक्कत होने पर ऑक्सीजन की व्यवस्था की गई, लेकिन हालत में सुधार नहीं हुआ तो शादी कैंसिल करने की बातें होने लगी, लेकिन मनोज ने बहन को डोली विदा करने का वचन दे दिया.

मातम में बदली शादी की खुशियां
मंगलवार की रात मनोज की दिक्कत बढ़ गई तो घरवालों ने निजी अस्पताल में भर्ती कराया, जहां इलाज चल रहा था. गुरुवार रात को बारात आनी थी, सभी बारातियों के स्वागत की तैयारी में लगे थे. रात में जब शादी की रस्में पूरी की जा रही थीं, तो भाई के मौत की खबर आ गई. ये खबर सुनकर दुल्हन बनी बहन मंडप में ही बेहोश हो गई. और शादी की सारी खुशियां मातम में बदल गई.

एक तरफ डोली, दूसरी तरफ अर्थी
गांव के कुछ बुजुर्गों ने सलाह दी कि विवाह न रोकें और जल्द डोली को विदा करें. किसी तरह बहन को भी इसके लिए मनाया गया. दुल्हन बनी बहन ने रोते हुए कहा कि मौत के बाद भी भाई ने अपना वचन पूरा कर दिया. दुल्हन की विदाई के बाद घर से मनोज की अर्थी निकाली गई. सभी ये मंजर देखकर स्तब्ध रह गए. गांववाले बोले ऐसा कभी नहीं देखा था.

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