June 19, 2021

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क्रिटिकल मरीजों को कूपन से मिलेगी Oxygen Gas, कोषांग के बाहर चक्कर लगा रहे परिजन


Gaya: गया जिले में कोरोना के बढ़ते संक्रमण के मद्देनजर ऑक्सीजन की खपत भी बढ़ गई है. कोविड डेडिकेटेड अस्पताल से लेकर जिले के निजी नर्सिंग होम व होम आईशोलेशन में रहे मरीजों को भी ऑक्सीजन की जरूरत है. ऑक्सीजन गैस प्लांट से ANMMCH में ऑक्सीजन की तो आपूर्ति हो जा रही है लेकिन निजी नर्सिंग होम या फिर होम आईशोलेशन में रहे संक्रमित मरीज व अन्य गम्भीर रोगों से ग्रसित मरीजों को कूपन का इंतेजार करना होगा.

अब ऑक्सीजन कूपन लेने के लिए मरीज के परिजन परेशान है तो वहीं व्यवस्था को देख हैरान है. कहा पहले जान बचाने के लिए मन्दिर के भगवान के पास जाना पड़ता था आज अधिकारियों के द्वारा बनाए गए ऑक्सीजन कोषांग का चक्कर लगाना पड़ रहा है.

जिला प्रसाशन की मानें तो ऑक्सीजन गैस के लिए आवेदन के साथ भर्ती नर्सिंग होम का पुर्जा या डॉक्टर का पुर्जा लगाकर जमा करना है. उसके बाद ऑक्सीजन कोषांग के गठित कमिटी की बैठक होगी, उसके बाद अब अधिकारी डॉक्टरों का पुर्जा देखकर यह निर्णय लेंगे की किसे ऑक्सीजन की जरूरत है और किसे नही. ऐसे में क्रिटिकल मरीज ऑक्सीजन के बिना दम हीं तोड़ देगा.

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गया समाहरणालय में ऑक्सीजन कोषांग बनाया गया है. जहां ऑक्सीजन कूपन देने की व्यवस्था की गई है. ऑक्सीजन की मांग ऐसी बढ़ गई है कि कोषांग खुलने के समय से पहले मरीज के परिजनों की भीड़ लगी रहती है. कूपन बांटने की जिम्मेदारी ओएसडी शैलेश कुमार दास को दी गई है. उन्होंने बताया कि ‘क्रिटिकल मरीज को ही सिर्फ कूपन दिया जा रहा है जिसका निर्णय कमेटी करती है. जो ज्यादा गंभीर मरीज है उन्हें शहर में बनाए गए डेडिकेटेड हेल्थ सेंटर में भर्ती कराया जा सकता है, क्योंकि वहां सारी व्यवस्था उपलब्ध है. ऐसे में व्यवस्था की बात करें तो कोविड डेडिकेटेड अस्पताल के कोविड वार्ड में डॉक्टर जाने को तैयार नही है. सभी वार्ड बॉय पर पूरी तरह निर्भर है.

ऑक्सीजन कोषांग के बाहर खड़े मरीज के परिजन अहमद अब्दुल्ला ने बताया कि ‘कल से चक्कर लगा रहे हैं लेकिन अधिकारी कोई सुनने को तैयार नही है.’ उन्होंने कहा कि उसकी नानी का ऑक्सीजन लेवल 70 है जो बहुत ही क्रिटिकल है.

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वहीं दूसरे परिजन ने बताया कि उसका मरीज कोरोना संक्रमित है जो एम्स में भर्ती है. ‘फेफड़े पूरी तरह संक्रमित हो चुके है. सुबह 9 बजे से आए हैं, जब बंद देखा तो कंट्रोल रूम में भी फोन किया जिसके बाद 11 बजे समय बताया गया. आवेदन देने के बाद अधिकारी यह कह कर लौटा रहे हैं कि शाम 3 बजे आना तब तक कमेटी की बैठक हो जाएगी.’ 

परिजन ने कहा कि ‘आपदा में खाना नहीं, सिलेंडर भी नहीं सिर्फ ऑक्सीजन मांग रहे है लेकिन वह भी पूरा नहीं कर रहे हैं. मरीज की जान पर जब आफत आई तो ऑक्सीजन के खाली सिलेंडर तक को हमने खरीद लिया कि कंही से गैस मिल जाएगी लेकिन ऐसा नही हुआ. भीख मांगनी पड़ रही है ऑक्सीजन के लिए. तब तक मरीज की मौत भी हो जाएगी.’

(इनपुट- जय प्रकाश कुमार) 





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