मुजफ्फरपुर में कोरोना का कहर! 48 घंटे में 51 संक्रमितो की गई जान, हर आठवा व्यक्ति है पॉजिटिव


Muzaffarpur: बिहार के मुजफ्फरपुर जिले में लगातार बढ़ रहा कोरोना संक्रमण प्रतिदिन नए आंकड़ों को छू रहा है. मुजफ्फरपुर जिला प्रशासन द्वारा जारी आंकड़ों की माने तो रविवार को जिले में 2311 लोगों की जांच की गई जिसमें 282 पॉजिटिव पाए गए. औसतन माने तो हर आठवां व्यक्ति जांच में पॉजिटिव निकला है. वहीं 548 करोना संक्रमित स्वस्थ होकर डिस्चार्ज भी हुए हैं. लेकिन एक्टिव केसों की संख्या अभी सरकारी आकड़ो के अनुसार 5529 है.

वहीं, सरकारी आंकड़ों की माने तो 1 मई को एसकेएमसीएच में 11 संक्रमित की मौत हुई तथा 2 मई को 18 संक्रमित हो की जान गई. जिला प्रशासन द्वारा जारी दूसरे आंकड़े के अनुसार 1 मई को 3 और 2 मई को 9 लोगों की जानें गई. निजी अस्पतालों की बात करें तो कुल 10 मौत सामने आई जिसमें प्रसाद हॉस्पिटल में तीन, आईटी मेमोरियल में तीन, अशोका हॉस्पिटल में एक और माड़ीपुर कोविड केयर सेंटर में 3 संक्रमित व्यक्ति की मौत हुई है.

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इधर, एसकेएमसीएच के अधीक्षक डॉ.बी.एस. झा ने जारी आंकड़ों के अनुसार बताया कि SKMCH में 34 मरीज रविवार को कोविड-19 पॉजिटिव भर्ती हुए हैं, 12 मरीज आईसीयू में एडमिट है ऑक्सीजन के साथ और एक मरीज वेंटिलेटर पर है. कुल मिलाकर बीते 48 घंटे में मुजफ्फरपुर में करोना संक्रमण ने कहर बरपाया है और 51 लोगों की इस संक्रमण ने जान ले ली है. दूसरी और बात करें तो लगातार जिला प्रशासन द्वारा बैठक की जा रही है लेकिन तंग हकीकत यह भी है कि जिले में ऑक्सीजन की किल्लत है. दो ऑक्सीजन प्लांट बेला और दामोदरपुर में चल रहे थे लेकिन दामोदरपुर से उत्पादन बाधित है सिर्फ बेला से ही मुजफ्फरपुर और आसपास के जिलों में कोविड पॉजिटिव मरीजों का प्राणवायु ऑक्सीजन सप्लाई किया जा रहा है. बेला स्थित प्लांट से लगभग 800 सिलेंडर उत्पादन हो रहा है जबकि एसकेएमसीएच के अधीक्षक डॉ बीएस झा बताया है कि एसकेएमसीएच को 700 सिलेंडर प्रतिदिन चाहिए इससे यह अंदाजा लगाया जा सकता है कि मुजफ्फरपुर के अस्पतालों में ऑक्सीजन सिलेंडर की किल्लत कैसी होगी.

हालांकि, पूरे मामले पर पूछे जाने पर जिला सूचना एवं जनसंपर्क अधिकारी कमल सिंह ने कहा कि ‘कुछ तकनीकी खामियों के कारण दामोदरपुर प्लांट से उत्पादन बाधित हुआ है. जैसा कि स्वास्थ्य विभाग के अधिकारी ने बताया है जल्द ही खामियों को दूर कर निर्बाध आपूर्ति सुनिश्चित की जाएगी.’ लेकिन सवाल उठता है कि इस महामारी में जहां प्राणवायु ऑक्सीजन लोगों की प्रथम जरूरत है, उसके बिना रहना असंभव है, सिर्फ यह कह देना कि जल्द शुरू होगा खामियां दूर हो जाएगी. क्या इस आश्वासन से कोविड पॉजिटिव मरीज जो अस्पताल में इलाज रात है या फिर होम कोरेंटिन है उन्हें प्राणवायु ऑक्सीजन मिल जाएगी?

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रविवार को मुजफ्फरपुर पहुंचे जिले के प्रभारी मंत्री मुकेश साहनी ने आश्वासन दिया कि ‘ऑक्सीजन से लेकर किसी प्रकार की कोई समस्या नहीं होने दी जाएगी, हर संभव मदद की जाएगी. इस महामारी ने कई विधायक मंत्री आईएएस सहित बड़े-बड़े लोगों की जान ले ली है लेकिन कोशिश है की मुजफ्फरपुर वासियों को हर संभव मदद दी जाएगी.’

साथ ही उन्होंने कहा कि ‘स्वास्थ विभाग में मैन पावर की कमियां हैं लेकिन उसके बावजूद हर संभव प्रयास मदद का रहेगा.’ लेकिन मंत्री जी ने माना की कमियां हैं तो आखिर कमियों के बावजूद लोगों को कैसे मदद पहुंचेगी यह बड़ा सवाल है. दूसरी ओर स्वास्थ्य मंत्री मंगल पांडेय द्वारा जारी बिहार के सभी जिलों में वेंटिलेटर की सुविधा दिखाई गई. जिसमें मुजफ्फरपुर जिले में मात्र 6 वेंडिलेटर सिस्टम उपलब्ध है.

(इनपुट-मनोज)



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