June 20, 2021

Sirfkhabar

और कुछ नहीं

बंगाल: जान बचाने को असम में शरण ले रहे लोग, ममता जीती लेकिन मानवता हार गई- JP Nadda


कोलकाता: पश्चिम बंगाल के मुख्यमंत्री के तौर पर ममता बनर्जी (Mamata Banerjee) के शपथ लेने के कुछ ही देर बाद भाजपा अध्यक्ष जे.पी नड्डा (JP Nadda) ने बुधवार को राज्य में राजनीतिक हिंसा से लोकतंत्र और लोगों की जान बचाने की शपथ ली. भाजपा ने दावा किया है कि विधान सभा चुनाव में जीत के बाद तृणमूल कांग्रेस के कार्यकर्ताओं ने कम से कम14 भाजपा कार्यकर्ताओं और समर्थकों की हत्या कर दी है. इनमें एक महिला भी शामिल है.

‘नतीजों के बाद राज्य में हिंसा जारी’ 

कोलकाता के सेंट्रल पार्क स्थित महात्मा गांधी (Mahatma Gandhi) की प्रतिमा के सामने पार्टी की ओर से आयोजित एक धरने में मंगलवार को शामिल होने के बाद जेपी नड्डा (JP Nadda) ने कहा कि पूरे देश को पता होना चाहिए कि चुनावी नतीजों के बाद राज्य में किस प्रकार की हिंसा हो रही है. पार्टी कार्यालय में आयोजित एक कार्यक्रम में नड्डा ने कहा, ‘मैं उत्तरी चौबीस परगना जिले का दौरा करूंगा और इस हिंसा के शिकार लोगों के दर्द साझा करूंगा. हम पूरे देश को इस बारे में बताना चाहते हैं.’

भाजपा के विधायकों, सांसदों ने ली शपथ

भाजपा अध्यक्ष जेपी नड्डा (JP Nadda) ने कहा, ‘हम बंगाल के लोगों की सेवा करते रहेंगे और उनके सपनों को साकार करने में मदद करते रहेंगे. हम इस राजनीतिक हिंसा की कड़ी को तोड़कर ही रहेंगे.’ उन्होंने कहा, ‘बंटवारे के समय देखी गई हिंसा बंगाल में लौट आई है. हम लोगों की सेवा करते रहेंगे और राज्य के लिए प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी (Narendra Modi) जी की दूरदृष्टि को आगे ले जाते रहेंगे.’ लोकतंत्र की रक्षा और लोगों की जान बचाने संबंधी शपथ को भाजपा अध्यक्ष दिलीप घोष ने पढ़ा जिसे भाजपा के विधायकों, सांसदों और नेताओं ने दोहराया.

कार्यकर्ता के घर पहुंचे नड्डा

नड्डा ने कहा, ‘संविधान में प्रदत्त अधिकारों के तहत कोई भी शपथ ले सकता है. आज हम सब यहां राज्य, संवैधानिक मूल्यों और लोकतंत्र को बचाने की शपथ लेने के लिए इकट्ठा हुए हैं.’ बाद में नड्डा ने उत्तरी चौबीस परगना का दौरा किया और एक भाजपा कार्यकर्ता के परिजनों से मुलाकात की. भाजपा का आरोप है कि दो मई को तृणमूल कांग्रेस के ‘गुंडों’ द्वारा किए गए हमले में पार्टी कार्यकर्ता की मां की कथित तौर पर मौत हो गई थी. 

यह भी पढ़ें: कोरोना वायरस संक्रमण से बचाती है शराब? एक्सपर्ट ने कही ये बात

लोगों को असम में लेनी पड़ रही शरण

नड्डा ने कहा, हालात यह हैं कि लोगों को असम में जाकर शरण लेनी पड़ी है लेकिन अब हम असहिष्णुता के विचार को खत्म करेंगे. उन्होंने कहा पिछले वर्ष AMPHAN आया था इस वर्ष MAMATA-PHAN आया है. नड्डा ने कहा कि बंगाल में ममता जीती लेकिन मानवता हार गई. जान जानेवालों की संख्या 14 तक पहुंच गई है, पता नहीं कहां तक जाएगा ये आंकड़ा.

LIVE TV 





Source link

%d bloggers like this: