June 19, 2021

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उज्जैन में मृतकों को मोक्ष के लिए करना होगा इंतजार, कर्म- काण्ड, पूजा-पाठ पूर्णतः प्रतिबन्धित!


उज्जैन: कोरोना ने जीवन में बहुत से बदलाव ला दिए हैं. कोरोना काल में लोगों ने दिनचर्या में बदलाव तो किया ही है. साथ ही हालात ऐसे हो गए हैं कि कोरोना से मरीज़ों की अगर मौत हो जाती है तो उनके अपने उनका अंतिम संस्कार भी नहीं कर पा रहे हैं.

देश भर से गया इलाहाबाद और बनारस कर्मकांड की पूजा और मृतक की आत्मा की शान्ति के लिए होने वाली पूजा के लिए लोग दूर दूर से पहुंचते हैं. उत्तर विधान कर्म गरुण पुराण पिंड दान जैसी पूजन को कराने बड़ी संख्या में लोग उज्जैन पंहुचते है. लेकिन 12  अप्रैल से कोरोना महामारी को लेकर कोरोना कर्फ्यू के आदेश उज्जैन कलेक्टर आशीष सिंह ने दिए थे. जिसमें सभी मंदिरो को भी आम श्र्धलुओ के लिए बंद कर दिया गया था.

घाटों पर नहीं होगा कर्मकांड
घाटों पर होने वाली कर्म काण्ड पूजन पर भी रोक लगा दी थी. इसके बावजूद शहरों में कोरोना के कारण रोज़ाना हो रही मौतों को लेकर कई लोग पूजन कराने शिप्रा नदी किनारे घाट पर पंहुच रहे थे. लेकिन महामारी के विकराल रूप को दखते हुए आज एडिशनल एसपी ने तीर्थ पुरोहितो को समझाइश देकर आज से सभी कर्मकांड पूजन पर पूर्णतः प्रतिबन्ध लगा दिया है. लेकिन तीर्थ पुरोहित राजेश त्रिवेदी ने बताया की जजमान चाहे तो वे ऑनलाइन के माध्यम से भी कर्मकांड का पूजन करवा सकते है. इस तरह के पूजन कई पंडित अलग अलग शहरो में करवा रहे है जिससे शोशल डिस्टेंस भी बनी रहेगा और जजमान को अन्य शहरों में जाना भी नहीं पड़ेगा.

मृतकों के मोक्ष के लिए करना होगा इन्तजार
उज्जैन में देश भर से कर्मकांड के पूजन के लिए लोग पंहुचते है फिलहाल अप्रैल महीने से ही देश के कई हिस्सों में कोरोना कर्फ्यू के कारण लोगों की आवाजाही कम हुई थी. प्रतिबन्ध के बावजूद भी कई लोग राजस्थान गुजरात और मध्य प्रदेश के अलग अलग हिस्सों से उज्जैन पंहुच रहे थे. मृतकों की आत्मा की शान्ति और मोक्ष के लिए शिप्रा नदी किनारे राम घाट शनि मंदिर कालिदेह पैलेस पर पिंड दान और मोक्ष के लिए पूजन कराने जजमान पंहुचते है.

पंडित राजेश त्रिवेदी ने बताया की अधिकारियों से बात  की गई कि कोरोना की भयावह रूप देखकर पंडा समिति के सभी पंडितो ने तय किया है कि आज से अगले आदेश तक कर्म काण्ड पूरी तरह से बंद कर दिया गया है. हालांकि रोजाना अलग अलग पंडित 1000 लोगों को पिंड दान का पूजन करावा रहे थे.  लेकिन अब से किसी भी जजमान का पूजन नहीं करवाएंगे .  

ऑनलाइन पूजन की सुविधा
जिस तरह अब उज्जैन में पिंडदान पर पूरी तरह से रोक लगा दी गयी है. उन लोगो के लिए मुसीबत बन गयी जिनके घर में हाल फिलहाल में किसी की मौत हुई है. उनके सामने मृत आत्मा की शान्ति के लिए होने वाला पिंडदान करने की समस्या आन खड़ी हुई है. ऐसे में पंडित राजेश त्रिवेदी उज्जैन से ही देश के किसी भी शहर में बैठे जजमान का पूजन करवाने के लिए ऑनलाइन के माधयम से जुड़ रहे है. उन्होंने कहा की जिस को भी पूजन करवाना है वो इस तरह मोबाइल या ने तरीके से पंडित से जुड़कर पूजन करवा सकते है.  इंदौर में मृतक राजेंद्र शर्मा का पिंड दान हाल ही में ऑनलाइन के माध्यम से ही हुआ है. पंडितों का कहना है कि शहर में संक्रमण को देखते हुए अभी कुछ दिन ऐसे ही निकलने होंगे  .

मेसेज भेज कर पिंड रोका
पंडा समिति के अध्यक्ष राजेश त्रिवेदी ने कहा की  कोरोना महामारी का प्रकोप निरंतर बढ़ता जा रहा है.  निर्णय लिया है कि शासन के आगामी निर्णय तक हम उज्जैन में शनि मंदिर से लेकर कालिया दे महल तक शिप्रा के किसी भी घाट पर कोईभी भी उत्तर विधान कर्म नहीं कराएगा.

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