June 19, 2021

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Corona: 36 करोड़ भारतीयों को मार्च 2022 तक लगेगी रूसी वैक्सीन Sputnik V, इस तरह होगी आपूर्ति


नई दिल्ली: कोरोना वायरस (Coronavirus) महामारी से निपटने के लिए रूस (Russia) भी भारत का बड़ा मददगार बना है. इस बीच एक अनुमान के मुताबिक देश में अगले साल 31 मार्च 2022 तक करीब 36 करोड़ भारतीयों को रूस की कोरोना वैक्सीन स्पुतनिक वी (Sputnik V) लग चुकी होगी.

मई 2021 से लेकर मार्च 2022 के बीच भारत में करीब 361 मिलियन वैक्सीन यानी करीब 36 करोड़ से ज्यादा कोरोना वैक्सीन का इंतजाम सुनिश्चित हो चुका होगा. भारत में वैक्सीन के इंतजाम से जुड़े अधिकारियों के हवाले से जानकारी सामने आई है.

3 महीने में 1.8 करोड़ डोज की आपूर्ति

इसी महीने की शुरुआत में 1 मई को, भारत को पहली खेप में स्पुतनिक वी की 15 लाख डोज मिल चुकी हैं. दूसरी खेप भी जल्द ही आने वाली है. तीन महीने में आने वाली डोज की बात करें तो कुल मिलाकर, भारत को स्पुतनिक वी की 1 करोड़ 80 लाख डोज मिलने जा रही है. मई में तीस लाख, जून में पचास लाख और जुलाई में 1 करोड़ वैक्सीन मिलनी है.

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स्पुतनिक लाइट का निर्माण भी भारत में होगा

गौरतलब है कि रूस की सिंगल डोज कोविड वैक्सीन स्पुतनिक लाइट (Sputnik light) का उत्पादन भारत में भी होगा. RDIF के सीईओ किरिल दिमित्रिव ने दावा किया है कि स्पुतनिक लाइट वैक्सीन अस्पताल में भर्ती होने वाले गंभीर मामलों की संभावना को काफी हद तक कम कर देती है. उनका यह भी दावा है कि यह कोरोना वायरस के सभी नए वैरिएंट्स के खिलाफ भी प्रभावी साबित हुआ है. 

इन देशों में उत्पादन

RDIF सीईओ ने प्रेस कॉन्फ्रेंस में कहा, ‘Sputnik light का उत्पादन भी उन्हीं देशों में होगा जहां Sputnik V का हो रहा है. इन देशों की सूची में भारत, कोरिया और चीन का नाम शामिल है. उन्होंने समझाया कि कुछ और देशों में भी Sputnik V का उत्पादन हो रहा है. इसलिए हमें भरोसा है कि पूरी क्षमता के साथ दोनों वैक्सीन की निर्बाध आपूर्ति सुनिश्चित कराई जाएगी.’

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रूसी मंत्रालय ने दी थी मंजूरी

स्पुतनिक-वी के बाद आई इस लाइट वर्जन कोरोना वैक्सीन को भी मॉस्को स्थित गमलेया रिसर्च इंस्टीट्यूट ने तैयार किया है. रूस के स्वास्थ्य मंत्रालय, गैमलेया नेशनल रिसर्च सेंटर ऑफ एपिडेमियोलॉजी एंड माइक्रोबायोलॉजी, और आरडीआईएफ ने हाल ही में रूस में Sputnik Light को सरकारी मंजूरी देने का ऐलान किया था.

भारत में बड़े पैमाने पर उत्पादन

RDIF ने देश में वैक्सीन की 850 मिलियन खुराक का उत्पादन करने के लिए 5 भारतीय कंपनियों के साथ समझौते पर दस्तखत किए हैं जिनका इस्तेमाल भारत और रूस में होगा वहीं इन टीकों के अन्य देशों को भी निर्यात किया जाएगा. स्पुतनिक लाइट वैक्सीन कोरोना से बचाने में 79.4% प्रभावी है. रूस, यूएई (UAE), और घाना समेत अन्य देशों के हजारों लोगों पर इसके तीसरे चरण का क्लीनिकल ट्रायल हो चुका है. 

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2 करोड़ से अधिक लोगों को लगी स्पुतनिक V

5 मई तक दुनिया के 60 से अधिक देशों ने स्पुतनिक वी को मंजूरी दी है. वैश्विक स्तर पर 20 मिलियन यानी 2 करोड़ से ज्यादा लोगों को स्पुतनिक वी वैक्सीन की पहली डोज लग चुकी है. RDIF ने बताया कि इस एक खुराक वाले टीके की कीमत 10 डॉलर यानी करीब 737 रुपये से भी कम है. जिसे +2 से +8 डिग्री तापमान पर रखा जा सकता है.

वैक्सीन की पहली खेप भारत पहुंच चुकी है. 1 मई को रूस का विमान स्पुतनिक वी वैक्सीन की डेढ़ लाख खुराक लेकर हैदराबाद पहुंचा था. माना जा रहा है कि इस वैक्सीन से आ जाने से अब भारत में अब टीकाकरण अभियान में और तेजी आएगी. 

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