June 14, 2021

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Covid-19 second wave को लेकर CM योगी सख्त, अफसरों को निर्देश-हर हाल में रोकना है कोरोना संक्रमण


गोरखपुर:  मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने कहा कि कोरोना संक्रमण का फैलाव हर हाल में रोकना है. इसके लिए जिलों में रैपिड रिस्पांस टीमों (आरआरटी) और निगरानी समितियों की संख्या बढ़ाई जाए. सरकार कोरोना पर काबू पाने के लिए सभी प्रकार के संसाधन उपलब्ध करा रही है. उन्होंने शत प्रतिशत कॉन्टैक्ट ट्रेसिंग पर जोर दिया और कहा कि कोविड प्रबंधन कार्य में किसी भी प्रकार की लापरवाही अक्षम्य होगी.

 गोरखपुर दौरे के दूसरे दिन सीएम योगी सोमवार को बीआरडी मेडिकल कॉलेज में कोविड प्रबंधन को लेकर गोरखपुर-बस्ती मंडल के सात जिलों की समीक्षा बैठक कर रहे थे. बैठक में गोरखपुर जिले के जनप्रतिनिधि और अधिकारी व्यक्तिगत उपस्थित थे, जबकि अन्य छह जिलों के अधिकारी वर्चुअल जुड़े. मुख्यमंत्री योगी ने कोविड नियंत्रण के संबंध में हर जिले से विस्तृत जानकारी ली.

 उन्होंने कहा कि कोरोना संक्रमण रोकने के लिए आरआरटी और निगरानी समितियों की महत्वपूर्ण भूमिका है. निगरानी समितियों की संख्या तीन से चार गुना तक बढ़ाई जाए. मेडिकल किट का वितरण निगरानी समितियों के माध्यम से हो और उसका सत्यापन भी कराएं. मेडिकल किट की पर्याप्त दवा हर जिले में दी गई है.

 एम्बुलेंस का हो  कोविड-19 में 75 प्रतिशत प्रयोग 
सीएम योगी ने निर्देशित किया कि एम्बुलेंस 108 का 75 प्रतिशत प्रयोग कोविड-19 में किया जाए और आरआरटी को वाहन उपलब्ध कराए जाएं. उन्होंने कहा कि यदि समय पर मरीज को सुविधा दी जाए, तो निश्चित वह आरोग्यता को प्राप्त करेगा. रोग को छिपाया न जाए, अगर बीमारी है, तो उसका उपचार आवश्यक है. मुख्यमंत्री ने कहा कि एक-एक व्यक्ति का जीवन अमूल्य है और उसे हर हाल में बचाना है. लक्षणयुक्त/संदिग्ध की तत्काल जांच कराते हुए रिपोर्ट पॉजिटिव आने पर उसे शीघ्र मेडिकल किट उपलब्ध कराया जाए.

 उन्होंने कहा कि यदि कार्य प्रबंधन टीम भावना से किया जाए, तो निश्चित रूप से शत प्रतिशत सफलता मिलेगी. मुख्यमंत्री ने कहा कि शासन स्तर पर आक्सीजन की उपलब्धता, रेमडिसिविर इंजेक्शन, होम आइसोलेशन, स्वच्छता, सेनेटाइजेशन, फागिंग आदि कार्यों की व्यवस्था/निगरानी संबंधी समितियां गठित की गई हैं. इसी प्रकार जनपद स्तर पर भी समिति गठित कर उनके कार्य/दायित्व निर्धारित किए जाएं. 

ऑक्सीजन की कालाबाजारी पर हो कड़ी कार्रवाई :सीएम योगी
मुख्यमंत्री ने कहा कि आक्सीजन की आडिट हर हाल में कराई जाए और यह सुनिश्चित हो कि इसका वेस्टेज न होने पाए. हास्पिटलों में आक्सीजन आडिट कराया जाना नितान्त आवश्यक है. कहीं भी आक्सीजन की कालाबाजारी नहीं होनी चाहिए, इसकी जांच की जाए और पकड़े जाने पर दोषी के विरूद्ध कड़ी कार्रवाई की जाए.

कड़ाई से हो आंशिक कोरोना कर्फ्यू का पालन:मुख्यमंत्री
सीएम योगी ने आंशिक कोरोना कर्फ्यू का कड़ाई से पालन सुनिश्चित करने का निर्देश दिया. साथ ही कहा कि इन दौरान अति आवश्यक सेवाओं के क्षेत्र में कोई बाधा नहीं आनी चाहिए. निजी अस्पतालों में जांच और इलाज में ओवर चार्जिंग और एम्बुलेंस चालकों द्वारा मनमानी रकम लेने की शिकायतों का गम्भीरता से संज्ञान लेने और कठोर कार्रवाई की हिदायत भी मुख्यमंत्री ने दी. 

प्रतिदिन हो कोविड केस, रिकवरी की समीक्षा: मुख्यमंत्री
सीएम योगी ने कहा कि कोविड अस्पतालों में सीसीटीवी कैमरे लगाए जाएं. हर जिले में प्रतिदिन 24 घंटे के अन्दर पॉजिटिव केस, रिकवरी, एक्टिव केस आदि की समीक्षा की जाए. उन्होंने कहा कि खाद्यान्न वितरण कार्य की निगरानी के लिए एक नोडल अधिकारी नामित करें. गेहूं क्रय केन्द्रों को सोशल डिस्टेंसिंग/कोविड प्रोटोकाल के तहत संचालित किया जाए और गोआश्रय स्थल पर चारे आदि की व्यवस्था हो.

होम आइसोलेट लोगों से संवाद करें जनप्रतिनिधि : मुख्यमंत्री
मुख्यमंत्री योगी ने कहा कि होम आइसोलेशन के कोविड मरीजों के साथ संवाद स्थापित किया जाए. जनप्रतिनिधियों को भी ऐसे लोगों से संवाद कर उनका हौसला बढ़ाना चाहिए. उन्होंने अधिकारियों से कहा कि होम आइसोलेट लोगों की सूची और मोबाइल नंबर सांसद, विधायक को भी उपलब्ध कराएं, ताकि वह उनसे संवाद स्थापित कर सकें. उन्होंने कहा कि हर कोविड हास्पिटल में मरीजों के संबंध में जानकारी उनके परिजनों की जरूर दी जाए.

सैनेटाइजेशन और फॉगिंग का भी चलता रहे अभियान
मुख्यमंत्री ने स्वच्छता, सेनेटाइजेशन और फॉगिंग को एक अभियान के रूप में संचालित करते रहने और इसके लिए नोडल अधिकारी नामित करने का निर्देश दिया. उन्होंने कहा कि यह अभियान कोविड के साथ ही बरसात में इंसेफेलाइटिस से बचाव में सहायक सिद्ध होगा. उन्होंने कहा कि कन्टेनमेन्ट जोन में सख्ती की जाए. केवल मेडिकल, स्वच्छता, सेनेटाइजेशन, फॉगिंग, डोर स्टेप डिलेवरी की अनुमति होगी. मुख्यमंत्री ने कहा कि सावधानी/सतर्कता कोविड से बचाव का सर्वोत्तम उपाय है. उन्होंने बेड की संख्या बढ़ाने और शासन के आदेशों का शत प्रतिशत अनुपालन करने और पीडियाट्रिक आईसीयू को क्रियाशील रखने के निर्देश दिए.

गोरखपुर मण्डल में 4856 क्रियाशील निगरानी समितियां
समीक्षा बैठक में कमिश्नर जयन्त नार्लिकर ने गोरखपुर मंडल में कोविड प्रबंधन के बारे में बताया कि टेस्टिंग, कांट्रेक्ट ट्रेसिंग, सेनेटाइजेशन, स्वच्छता, वैक्सीनेशन आदि कार्यों को तेजी से कराया जा रहा है। मंडल में कुल 4856 क्रियाशील निगरानी समितियां हैं, जिसमें ग्रामीण क्षेत्र 4368 और शहरी क्षेत्र में 488 हैं.

 कोविड प्रबंधन के लिए मंडल में कुल 126 एम्बुलेन्स का प्रयोग किया जा रहा है. मंडल में 7,19,118 लोगों को प्रथम डोज और 1,75,442 लोगों को वैक्सिन का द्वितीय डोज लगा है. लिक्विड मेडिकल आक्सीजन की आपूर्ति/आवश्यकता, उपयुक्त मानव संपदा, मंडल में एल-2/एल-3 लेवल के निजी चिकित्सालयों, एल-2 फैसेलिटी के चिकित्सकों और अन्य कार्मिकों के आईसीयू प्रबंधन में सतत ट्रेसिंग की आवश्यकता है. इसी प्रकार कमिश्नर बस्ती ने भी अपने मंडल के बारे में जानकारी दी. इस दौरान डीएम के विजयेन्द्र पाण्डियन ने जिले में पॉजिटिव रेट, आरआरटी, निगरानी समितियां, होम आइसुलेशन, आईसीसीसी में टेलीफोन संख्या और एम्बुलेंस आदि की जानकारी दी.

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