June 20, 2021

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CHC-PHC स्तर तक स्वास्थ्य सेवाओं को मजबूत करने में जुटी सरकार: गहलोत


Jaipur: मुख्यमंत्री अशोक गहलोत ने कहा कि राज्य सरकार के सामने इस समय कोरोना से लोगों के जीवन को बचाने की गंभीर चुनौती है. इस विषम परिस्थिति में सरकार को निजी संस्थाओं उद्योगों सहित समाज के हर वर्ग का सहयोग मिल रहा है. उन्होंने आहवान किया कि प्रत्येक सक्षम व्यक्ति और संस्था मानव जीवन को बचाने की इस मुहिम में भागीदार बने.

गहलोत मुख्यमंत्री निवास से वीडियो कॉन्फ्रेंस के जरिए वेदांता समूह की कंपनी हिन्दुस्तान जिंक लिमिटेड के प्रदेश के 5 जिलों में ऑक्सीजन कसन्ट्रेटर वितरण के लिए आयोजित वर्चुअल समारोह को संबोधित कर रहे थे. मुख्यमंत्री ने कहा कि पूरा देश कोविड-19 की दूसरी लहर से उपजे अभूतपूर्व संकट से जूझ रहा है.

सीएम ने कहा कि राजस्थान में हमारी सरकार प्रदेशवासियों के जीवन की रक्षा में जुटी है. पिछले दिनों मरीजों के इलाज के लिए ऑक्सीजन की आवश्यकता को पूरा करना एक बड़ी चुनौती बन गई. एकाएक उत्पन्न हुई इस जरूरत को पूरा करने तथा भविष्य की आवश्यकताओं की पूर्ति के लिए टीम राजस्थान ने योजनाबद्ध तरीके से प्रयास किए हैं और इस काम में हमें प्रवासी राजस्थानियों, स्थानीय भामाशाहों और उद्योगों से भरपूर सहयोग मिल रहा है.

मुख्यमंत्री ने कहा कि ग्रामीण क्षेत्रों में कोरोना के जंग के लिए डोर-टू-डोर सर्वे के साथ ही सीएचसी एवं पीएचसी स्तर तक स्वास्थ्य सेवाओं को मजबूत करने की दिशा में राज्य सरकार युद्ध स्तर पर काम कर रही है. मेडिकल कॉलेजों से संबद्ध अस्पतालों, जिला अस्पतालों के साथ-साथ ब्लॉक स्तर पर सामुदायिक स्वास्थ्य केन्द्रों में आईसीयू एवं ऑक्सीजन बेड की संख्या बढ़ाई जा रही है. 

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उन्होंने कहा कि मानव संसाधन की कमी को पूरा करने के लिए लगभग 8000 सीएचओं की भर्ती की गई है और जल्द ही 1000 चिकित्सकों तथा 25 हजार नर्सिंग स्टाफ की अस्थाई आधार पर सेवाएं लेने जा रहे हैं. गहलोत ने कहा कि राजस्थान वैक्सीनेशन के काम में देश के अग्रणी राज्यों में है और हमारे स्वास्थ्य विभाग ने तेज गति से टीकाकरण की क्षमता हासिल कर ली है. लेकिन इन दिनों वैक्सीन की देशव्यापी कमी है. केंद्र सरकार ने 18 वर्ष से 45 वर्ष की युवा आबादी के लिए वैक्सीन की जिम्मेदारी राज्यों पर छोड़ दी है. ऐसे में राजस्थान को वैक्सीन उपलब्ध कराने के काम में वेदांता समूह सहयोग करे.

मुख्यमंत्री ने कहा कि कोरोना से निपटने के बाद भी प्रदेश की अर्थव्यवस्था को मजबूत करना और लोगों के लिए रोजगार उपलब्ध कराना बड़ी चुनौती रहेगी, जिसमें वेदांता जैसे औद्योगिक समूह अहम भूमिका निभा सकते हैं. उन्होंने प्रदेश में ऑक्सीजन के उत्पादन एवं इसकी आपूर्ति कोविड उपचार सैनिटाइजेशन तथा मेडिकल उपकरण उपलब्ध कराने में सहयोग के लिए वेदांता समूह के चेयरमैन अनिल अग्रवाल का आभार व्यक्त करते हुए कहा कि जब कभी भी आवश्यकता हुई है, उनके ग्रुप ने हमेशा आगे बढ़कर मदद की है.

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विधानसभा अध्यक्ष डॉ. सी. पी. जोशी ने कहा कि वेदांता समूह ने अपनी औद्योगिक उपस्थिति वाले इलाकों में कोरोना से मुकाबले में जो सहयोग किया है, वह सराहनीय है. उन्होंने कहा कि कोरोना के बाद प्रदेश के खनिज सेक्टर के विकास में और अधिक भागीदारी निभाते हुए वेदांता समूह को बड़ी संख्या में लोगों के लिए रोजगार के अवसर उपलब्ध कराने के लिए आगे आना चाहिए.

चिकित्सा राज्यमंत्री डॉ. सुभाष गर्ग ने कहा कि कोरोना से मुकाबले में राज्य सरकार को विभिन्न क्षेत्रों से लगातार सहयोग मिल रहा है. उन्होंने कहा कि मुख्यमंत्री अशोक गहलोत (Ashok Gehlot) के नेतृत्व में राजस्थान ने कोरोना की पहली लहर का जिस सफलता से सामना किया आगे भी उसी कुशलता से इस जंग में जीत हासिल करेंगे. इस काम में सीएसआर गतिविधियों के माध्यम से उद्योग भी जुड़ेंगे तो राज्य सरकार को बेहतर प्रबंधन में मदद मिलेगी.

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वेदाता समूह के चेयरमैन अनिल अग्रवाल ने कहा कि कोरोना जैसी महामारी से लोगों को बचाने के काम में सरकारों की मदद करना औद्योगिक समूहों की भी जिम्मेदारी है. हमारा समूह ऐसे समय में आगे बढ़कर मदद करने के लिए हमेशा तत्पर रहा है. हमने राजस्थान सरकार को ऑक्सीजन की पूर्ति में तकनीकी सहयोग के साथ-साथ मेडिकल ऑक्सीजन तथा उपकरण उपलब्ध कराए हैं. आने वाले दिनों में वेदांता समूह युवा आबादी के टीकाकरण के काम में भी हर संभव मदद करने के लिए तैयार है.





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