June 19, 2021

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Yaas Cyclone Update: तूफान यास से निपटने के लिए NDRF की 99 टीमें तैनात, अमित शाह करेंगे मुख्यमंत्रियों के साथ बैठक


कोलकाता: चक्रवाती तूफान यास (Cyclone Yaas) के 26 मई को ओडिशा और पश्चिम बंगाल के तटों से टकराने की आशंका है. यास के खतरे को देखते हुए राष्ट्रीय आपदा प्रतिक्रिया बल (NDRF) के अलावा भारतीय नौसेना (Indian Navy) ने भी कमर कस ली है.

एनडीआरएफ की 99 टीमें तैनात

राष्ट्रीय आपदा प्रतिक्रिया बल (NDRF) के डीजी एसएन प्रधान ने बताया, ‘एनडीआरएफ ने चक्रवात यास (Cyclone Yaas) के मद्देनजर ओडिशा, पश्चिम बंगाल, आंध्र प्रदेश, तमिलनाडु और अंडमान-निकोबार द्वीप समूह में 99 टीमों को तैनात किया है.’

आज चक्रवाती तूफान में तब्दील हो सकता है यास

बंगाल की खाड़ी (Bay of Bengal) के मध्य पूर्वी हिस्से में कम दबाव का क्षेत्र बनने की प्रक्रिया शुरू हो गई है. यही 24 मई तक चक्रवाती तूफान यास (Cyclone Yaas) का रूप ले लेगा. चक्रवात यास के उत्तर, उत्तर-पश्चिम की ओर बढ़ने की संभावना है जो 24 मई तक एक चक्रवाती तूफान में तब्दील हो सकता है. इसके अगले 24 घंटों में ये तेज चक्रवाती तूफान का रूप ले सकता है. मौसम विभाग के पूर्वानुमान के मुताबिक इसकी वजह से बंगाल और ओडिशा में 26 मई तक भारी बारिश हो सकती है.

अमित शाह करेंगे मुख्यमंत्रियों के साथ अहम बैठक

केंद्रीय गृहमंत्री अमित शाह (Amit Shah) आज ओडिशा, आंध्र प्रदेश, पश्चिम बंगालके मुख्यमंत्रियों के साथ निकोबार द्वीप समूह के उपराज्यपाल के साथ वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के जरिए चक्रवाती तूफान यास (Cyclone Yaas) को लेकर बैठक करेंगे. इस दौरान वह तैयारियों की समीक्षा करेंगे.

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155-165 किमी/घंटा हो सकती है तूफान की रफ्तार

यास तूफान (Cyclone Yaas) के दौरान हवा की रफ्तार 24 मई को 40-50 किमी प्रति घंटा रह सकती है. वहीं 25 मई को हवा की रफ्तार 50-60 किमी प्रति घंटा रहने की आशंका है. 26 मई को की सुबह यास तूफान की रफ्तार 60-70 किमी प्रति घंटा रह सकती है, वहीं 26 मई को दोपहर में तूफान की रफ्तार बढ़कर 90-110 किमी प्रति घंटा हो सकती है. 26 मई को ही शाम तक तूफान की रफ्तार 155-165 किमी प्रति घंटा तक जा सकती है.

भारतीय नौसेना ने कसी कमर

यास तूफान (Cyclone Yaas) से निपटने के लिए भारतीय नौसेना (Indian Navy) ने भी कमर कस ली है. पूर्वी तट पर नौसेना ने चार जहाजों और विमानों को स्टैंडबाय के तौर पर रखा है. इसके अलावा गोताखोरों का दल और मेडिकल टीम को भी तैयार रहने को कहा गया है. विशाखापत्तनम में INS डेगा और चेन्नई में INS रजाली भी किसी भी हालात से निपटने को तैयार हैं.

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