July 31, 2021

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झारखंड कांग्रेस के नाराज नेता RPN सिंह-KC वेणुगोपाल से मिले, धीरज साहू बोले-नारजगी दूर करने की कवायद


Ranchi: झारखंड कांग्रेस के अंदर की खींचतान सतह पर आती दिख रही है. हाल ही में प्रदेश अध्यक्ष रामेश्वर उरांव दिल्ली पहुंचे, तो उनके बाद झारखंड कांग्रेस के कुछ नाराज नेता भी इरफान अंसारी के नेतृत्व में दिल्ली पहुंच गए. 

इस दौरान झारखंड कांग्रेस प्रभारी आरपीएन सिंह और केंद्रीय महासचिव के सी वेणुगोपाल से मुलाकात की. वहीं, इससे पहले दिल्ली गए प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष रामेश्वर उरांव की कांग्रेस प्रभारी से मुलाकात नहीं हो पाई. ऐसे में कांग्रेस के अंदर तरह-तरह की कयास लगाए जा रहे हैं.

दिल्ली में सबसे पहले इरफान अंसारी के नेतृत्व में अकेला यादव, ममता देवी और राजेश कश्यप ने आरपीएन सिंह से मुलाकात की. फिर राष्ट्रीय महासचिव केसी वेणुगोपाल से मुलाकात हुई. इस दौरान झारखंड के राजनीतिक विषयों, संगठन को मज़बूत करने और पार्टी को धार देने के मसले पर चर्चा हुई. 

कांग्रेस विधायक इरफान अंसारी के मुताबिक संगठन के बारे में शीर्ष नेताओं को अधूरी जानकारी दी गई है, ऐसे में यथास्थिति से शीर्ष नेताओं को अवगत कराया गया. संगठन कैसे मजबूत हो, कैसे विधायकों- कार्यकर्ताओं को सम्मान मिले इस पर चर्चा हुई, साथ ही बोर्ड-निगम में जो पद खाली हैं, उन पर कार्यकर्ताओं का एडजस्टमेंट को लेकर भी बात हुई.

इरफान अंसारी इससे पहले भी पार्टी में विधायकों और कार्यकर्ताओं की उपेक्षा का मसला उठाते रहे हैं. ऐसे में नाराज नेताओं की दिल्ली दरबार में मौजूदगी बहुत कुछ कह रही है.लेकिन झारखंड कांग्रेस इसे सामान्य बात बता रहा है. 

पार्टी के प्रदेश कार्यकारी अध्यक्ष राजेश ठाकुर के मुताबिक विधायकों का दिल्ली आना-जाना सामान्य बात है. चूंकि हम गठबंधन सरकार में काम कर रहे हैं, तो कैसे कार्यकर्ताओं को मान-सम्मान दिलाना है, इस पर चर्चा होती रहती है. 

वहीं, कांग्रेस के राज्यसभा सांसद धीरज साहू का कहना है कि हमलोग का पूरा प्रयास है, जो भी नाराजगी है, उसे पार्टी फोरम पर ही रखा जाए, उसको दूर करने का प्रयास किया जाएगा. उन्होंने कहा की हर दल में थोड़ी बहुत नाराजगी तो होती ही है और ये सब चलते रहता है.

हालांकि, दिल्ली में कांग्रेस के नाराज नेताओं की मौजूदगी और आरपीएन सिंह और वेणुगोपाल से मुलाकात के बाद चर्चा का बाजार गर्म है. कहा जा रहा है कि पार्टी में सभी को एकजुट करने के लिए पंजाब और बाकी राज्यों की तरह कांग्रेस का केंद्रीय नेतृत्व कोई कमेटी गठित कर सकता है,  जो विधायकों के बीच की नाराजगी को पाट सके. 

पार्टी प्रवक्ता शमशेर आलम के मुताबिक झारखंड कांग्रेस में किसी तरह का ऊहापोह की स्थिति नहीं है. केंद्रीय नेतृत्व यदि संगठन को सुचारु रुप से चलाने के लिए, मजबूत करने के लिए किसी कमेटी का गठन करती है या अन्य कोई निर्णय लेती है, तो सभी को मान्य होगा.

वहीं, कांग्रेस के नाराज विधायकों से पहले झारखंड कांग्रेस के प्रदेश अध्यक्ष रामेश्वर उरांव भी दिल्ली गए थे. इस दौरान राष्ट्रीय महासचिव वेणुगोपाल से मुलाकात की थी, लेकिन उनकी मुलाकात झारखंड प्रदेश प्रभारी आरपीएन सिंह से नहीं हो सकी थी. ऐसे में सवाल ये भी उठ रहा है कि आखिर ऐसा क्या हुआ कि दिल्ली में नाराज विधायकों से कांग्रेस प्रभारी की तो मुलाकात हो जाती है, लेकिन प्रदेश अध्यक्ष को ये मौका नहीं मिल पाता है. 

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इसे लेकर कांग्रेस प्रवक्ता किशोरनाथ शाहदेव का कहना है कि जब प्रदेश अध्यक्ष रामेश्वर उरांव दिल्ली में थे, तो प्रभारी आरपीएन सिंह दिल्ली से बाहर थे. इसमें कोई राजनीतिक बात नहीं है, और ऐसा कोई संकेत नहीं है कि पार्टी में कोई खींचतान है.

 





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