खुद को दिवालिया बताने वाले अनिल अंबानी की विदेश में 18 कंपनियां, 9647 करोड़ रुपये के निवेश का खुलासा


नई दिल्ली: चीनी सरकार के नियंत्रण वाले तीन बैंकों के साथ विवाद के बाद अनिल अंबानी (Anil Ambani) ने फरवरी 2020 में लंदन की एक अदालत को बताया था कि उनकी कुल संपत्ति शून्य है. हालांकि अब ऑफशोर कंपनियों में करोड़ों रुपये की संपत्ति का खुलासा हुआ है. अनिल अंबानी और उनके सहयोगियों की जर्सी, ब्रिटिश वर्जिन आईलैंड्स (बीवीआई) और साइप्रस में 18 ऑफशोर कंपनियां हैं.

पंडोरा पेपर्स से हुआ संपत्ति का खुलासा

इंडियन एक्सप्रेस की रिपोर्ट के मुताबिक, अनिल अंबानी की संपत्ति (Anil Ambani Property) का खुलासा पंडोरा पेपर्स (Pandora Papers) से हुआ है. 2007 से 2010 के बीच स्थापित इन 18 कंपनियों में से सात कंपनियों ने उधार लिया है और कम से कम 1.3 बिलियन डॉलर यानी करीब 9647.3 करोड़ रुपये का निवेश किया है.

अनिल अंबानी से जुड़ीं 18 ऑफशोर कंपनियां

जर्सी (Jersey)

1. बैटिस्ट अनलिमिटेड
2. रेडियम अनलिमिटेड
3. ह्यूई इनवेस्टमेंट अनलिमिटेड
4. समरहिल लिमिटेड
5. डलविच लिमिटेड
6. लॉरेंस म्यूचुअल (पूर्व नाम डायवर्टिमेंटो लिमिटेड)
7. रिचर्ड इक्विटी लिमिटेड
8. जर्मन इक्विटी लिमिटेड

ब्रिटिश वर्जिन आईलैंड्स (BVI)

9. रेनडियर होल्डिंग्स लिमिटेड
10. नॉर्दर्न अटलांटिक कंसल्टेंसी सर्विसेज ग्रुप अनलिमिटेड
11. नॉर्दर्न अटलांटिक ट्रेडिंग अनलिमिटेड
12. ट्रान्स पैसिफिक होल्डिंग्स प्राइवेट लिमिटेड
13. ट्रान्स अटलांटिक होल्डिंग्स प्राइवेट लिमिटेड
14. ट्रान्स अमेरिकास होल्डिंग्स प्राइवेट लिमिटेड
15. ट्रान्स अमेरिकास होल्डिंग्स प्राइवेट लिमिटेड

साइप्रस (Cyprus)

16. एएए एंटरप्राइजेज एंड वेंचर्स प्राइवेट लिमिटेड
17. एएए टेलिकॉम होल्डिंग्स प्राइवेट लिमिटेड
18. एएए इंफ्रास्ट्रक्चर इन्वेस्टमेंट्स प्राइवेट लिमिटेड

जर्सी में अनिल अंबानी की तीन कंपनियां

जर्सी में अनिल अंबानी के नाम पर तीन कंपनियां है, जिनके नाम बैटिस्ट अनलिमिटेड, रेडियम अनलिमिटेड और ह्यूई इनवेस्टमेंट अनलिमिटेड हैं. ये कंपनियां दिसंबर 2007 और जनवरी 2008 के बीच अस्तित्व में आईं. बैटिस्ट अनलिमिटेड और रेडियम अनलिमिटेड का स्वामित्व रिलायंस इनोवेंचर्स प्राइवेट लिमिटेड के पास है, जो एडीए ग्रुप की होल्डिंग कंपनी है. ह्यूई इन्वेस्टमेंट अनलिमिटेड का स्वामित्व एएए एंटरप्राइजेज लिमिटेड (2014 से रिलायंस इनसेप्टम प्राइवेट लिमिटेड) के पास है, जो रिलायंस कैपिटल की प्रमोटर कंपनी है.

अलग-अलग लोगों को नाम पर हैं कंपनिया

रिकॉर्ड यह भी दिखाते हैं कि जनवरी 2008 में जर्सी में शामिल दो अन्य कंपनियां- समरहिल लिमिटेड और डुलविच लिमिटेड का स्वामित्व अनिल अंबानी के प्रतिनिधि अनूप दलाल (Anup Dalal, Representative of Anil Ambani) के पास है. अनूप दलाल के पास एक बीवीआई कंपनी रेनडियर होल्डिंग्स लिमिटेड भी थी, जिसका उपयोग निवेश प्रबंधन के लिए किया गया था. अनिल अंबानी से जुड़ी तीन अन्य जर्सी कंपनियां लॉरेंस म्यूचुअल, रिचर्ड इक्विटी लिमिटेड और जर्मन इक्विटी लिमिटेड भी है, जिनका मालिकाना हक जिनेवा का एक वकील है.

क्या है पैंडोरा पेपर लीक?

पैंडोरा पेपर्स लीक (Pandora Papers Leak) दुनियार के करीब 12 मिलियन (1.20 करोड़) दस्तावेजों को दिन रात खंगालने के बाद दुनिया भर में चल रही पैसों की लेन-देन और हेराफेरी को लेकर बहुत बड़ा खुलासा करता है. ये एक ऐसा लीक है, जो छिपी हुई संपत्ति, टैक्स से बचने के तरीकों, दुनिया के कुछ अमीर और शक्तिशाली लोगों द्वारा मनी लॉन्ड्रिंग का खुलासा करता है. 117 देशों के 600 से ज्यादा पत्रकारों और 140 मीडिया ऑर्गेनाइजेशन ने कई महीनों तक लगातार काम किया और 14 अलग अलग स्रोतों से दस्तावेजों को खंगालते हुए तमाम खुलासे किए हैं. पैंडोरा पेपर्स लीक में दुनियाभर के कई देशों की बड़ी हस्तियों का नाम है, जिसमें टीम इंडिसा के पूर्व क्रिकेटर सचिन तेंदुलकर और पाकिस्तान के प्रधानमंत्री इमरान खान का भी नाम आया है. ‘पैंडोरा पेपर लीक’ जांच को ‘बीबीसी’ और ‘गार्जियन’ न्यूज पेपर ने लीड किया था.

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