लिम्का बुक में दर्ज है माउंट त्रिशूल एवलॉन्च में शहीद होने वाले रजनीकांत यादव का नाम, CM योगी ने दी श्रद्धांजलि


लखनऊ: उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ (Cm Yogi Adityanath) जी ने जनपद लखनऊ निवासी नौसेना के ऑन ड्यूटी लेफ्टिनेन्ट कमान्डर रजनीकांत यादव (Rajnikant yadav) की उत्तराखण्ड राज्य में एक पर्वतारोहण अभियान में हुई मृत्यु पर गहरा शोक व्यक्त करते हुए उन्हें भावभीनी श्रद्धांजलि दी है. उन्होंने Tweet करते हुए लिखा- जनपद लखनऊ निवासी भारतीय नौसेना में लेफ्टिनेंट कमांडर श्री रजनीकांत यादव जी की उत्तराखंड राज्य में एक पर्वतारोहण अभियान में हुई मृत्यु अत्यंत दुःखद है। विनम्र श्रद्धांजलि! मेरी संवेदनाएं शोक संतप्त परिजनों के साथ हैं, @UPGovt द्वारा उन्हें हर संभव मदद प्रदान की जाएगी। ॐ शांति

परिजनों को 50 लाख रुपये की आर्थिक सहायता 
सीएम योगी ने शहीद के परिजनों को 50 लाख रुपये की आर्थिक सहायता प्रदान करने की घोषणा की है. उन्होंने श्री रजनीकांत यादव के परिवार के एक सदस्य को सरकारी नौकरी देने तथा जनपद की एक सड़क का नामकरण उनके नाम पर करने की भी घोषणा की मुख्यमंत्री जी ने श्री यादव के परिजनों के प्रति अपनी संवेदना व्यक्त करते हुए कहा कि शोक की इस घड़ी में राज्य सरकार उनके साथ है. प्रदेश सरकार द्वारा श्री यादव के परिवार को हर सम्भव मदद प्रदान की जाएगी.

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शुकवार को एवलांच की चपेट में आया था दल
प्राप्त सूचना के अनुसार भारतीय नौसेना के पर्वतारोहियों की 20 सदस्यीय टीम ने 7,120 मीटर ऊंचाई वाली त्रिशूल चोटी पर चढ़ाई के लिए एक अभियान शुरू किया था. ये दल शुक्रवार सुबह एवलांच की चपेट में आ गया था. जान गंवाने वाले नौसेना के कर्मियों में लेफ्टिनेंट कमांडर रजनीकांत यादव, लेफ्टिनेंट कमांडर योगेश तिवारी, लेफ्टिनेंट कमांडर अनंत कुकरेती और नाविक हरिओम शामिल हैं. 

साइकिलिंग के शौकीन थे रजनीकांत
रजनीकांत को साइकिलिंग का बहुत शौक था. साल 2013 में रजनीकांत ने आईएनएस कोच्चि से आईएनएस रजौली तक साइकिलिंग में जीत दर्ज की थी. रजनीकांत ने लगातार 1423 किलोमीटर साइकिल चलाई जिसके लिए उनका नाम लिम्का बुक में नाम दर्ज है. इसके अलावा वर्ष 2014 में हिमालय के 11 दर्रों को साइकिल से पार किया. इस दौरान उन्होंने 906 किलोमीटर साइकिल चलाई थी. वह भी लिम्का बुक में दर्ज है. रजनीकांत की जून 2012 में नेवी में भर्ती हुई.

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कुमांऊ के बागेश्वर जिले में है माउंट त्रिशूल
माउंट त्रिशूल उत्तराखंड के चमोली जनपद की सीमा पर स्थित कुमांऊ के बागेश्वर जिले में है. इस चोटी के आरोहण के लिए चमोली जनपद के जोशीमठ और घाट से पर्वतारोही टीमें जाती हैं. बताया गया कि नेवी के पर्वतारोहियों की टीम भी घाट होते हुए त्रिशूल के लिए गई थी और इसी दौरान ये हादसा हुआ. लापता सदस्यों की खोजबीन के लिए शुक्रवार दोपहर बाद से रेस्क्यू चल रहा है. नेहरू पर्वतारोहण संस्थान (निम), हाई एल्टीट्यूड वारफेयर स्कूल गुलमर्ग (हवास), वायुसेना, थलसेना और एसडीआरएफ संयुक्त रूप से इसमें जुटे हैं.

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