CM गहलोत ने मंच से जोश में पूछ लिया ऐसा सवाल, जवाब सुनकर उतर गया चेहरा


नई दिल्ली: देश का कोई प्रदेश भ्रष्टाचार मुक्त होने का दावा नहीं कर सकता क्योंकि हर जगह किसी न किसी रूप में ऐसे भ्रष्ट नौकरशाह मौजूद हैं जो घूस लेकर काम करते हैं. लेकिन जब प्रदेश के मुख्यमंत्री के सामने भुक्तभोगी अपना कबूलनामा पेश करें तो स्थिति असहज हो जाती है. राजस्थान (Rajasthan) के मुख्यमंत्री अशोक गहलोत (Ashok Gehlot) के साथ भी कुछ ऐसा ही हुआ है.

क्या पैसे देकर हुआ ट्रांसफर?

एक कार्यक्रम के दौरान जब मुख्यमंत्री गहलोत ने पूछा कि क्या अब प्रदेश में ट्रांसफर और पोस्टिंग के लिए पैसे देने पड़ते हैं तो इसके जवाब में सभी शिक्षकों ने ‘हां’ कह दिया. इसके बाद सीएम थोड़े असहज नजर आए. हालांकि शिक्षकों का जवाब सुनकर गहलोत ने कहा, कमाल है. यह बहुत ही दुखदायी बात हैं कि शिक्षकों को पैसे देकर ट्रांसफर करवाना पड़ा. ऐसी कोई पॉलिसी (Transfer Policy) बन जाए जिससे सबको मालूम रहे कि उसका ट्रांसफर कब होना है? तब फिर न पैसे चलेंगे न शिक्षकों को ट्रांसफर के लिए किसी विधायक के पास पड़ेगा.

सीएम के बयान से राज्य के शिक्षा मंत्री गोविंद सिंह डोटासरा के लिए भी मुश्किल पैदा हो गई. राज्य में तीन साल की सरकार के बाद अब तक ऐसी कोई पॉलिसी क्यों नहीं आ सकी? इस सवाल को विपक्ष मुद्दा बना सकता है. यही वजह रही कि डोटासरा ने अपने बयान में कहा कि सीएम और मंत्रालय ऐसी नीति लाना चाहते हैं जिसके तहत किसी भी शिक्षक को ट्रांसफर के लिए पैसे न देने पड़ें.

बीजेपी पर साधा निशाना

अशोक गहलोत शिक्षक सम्मान समारोह में शिरकत करने पहुंचे थे. यहां उन्होंने अपने संबोधन में बीजेपी और केंद्र सरकार पर निशाना साधते हुए कहा कि मध्य प्रदेश में कांग्रेस की सरकार गिराई गई, क्या लोकतंत्र में यह कोई तरीका है? उन्होंने कहा कि आज देश किस दिशा में जा रहा है यह किसी को नहीं मालूम है.

गहलोत ने आगे कहा कि मध्य प्रदेश की राजस्थान में भी सरकार गिराने की कोशिश की लेकिन वह यहां कामयाब नहीं हुए. उन्होंने कहा कि राजस्थान की जनता ने उनका घमंड चकनाचूर कर दिया. 



BellyDancingCourse Banner

Source link

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *