कांग्रेस को झटका! नेतृत्‍व पर सवाल उठाते हुए इस राज्‍य के 4 पूर्व मंत्रियों समेत कई नेताओं ने दिया इस्‍तीफा


जम्मू: जम्मू कश्मीर में कांग्रेस पार्टी को बड़ा झटका लगा है. पार्टी के सात नेताओं के एक साथ अपने पदों से इस्तीफा दे दिया है. माना जा रहा है कि ये सभी नेता गुलाम नबी आजाद गुट के हैं और नेतृत्व बदलने को लेकर पार्टी के फैसले से नाराज थे. साथ ही इनका दावा है कि पार्टी संबंधी मसलों पर इनको अपनी बात रखने का मौका नहीं दिया गया.

पूर्व मंत्री और विधायक शामिल

आलाकमान को इस्तीफा भेजने वालों में चार पूर्व मंत्री और तीन विधायक शामिल हैं. सूत्रों का कहना है कि ये पूर्व मुख्यमंत्री और कांग्रेस के वरिष्ठ नेता गुलाम नबी आजाद के करीबी हैं. कांग्रेस के इन नेताओं के इस्तीफे से कुछ दिनों पहले ही आजाद ने जम्मू-कश्मीर का दौरा किया था.

इस्तीफा देने वाले नेताओं में जीएम सरूरी, जुगल किशोर शर्मा, विकार रसूल, नरेश कुमार गुप्ता, अनवर भट शामिल हैं. इन नेताओं ने सोनिया गांधी के अलावा पूर्व अध्यक्ष राहुल गांधी और पार्टी की प्रदेश प्रभारी रजनी पाटिल को भी इस्तीफे की कॉपी भेजी हैं.

आलाकमान नहीं सुन रहा बात

अपने पदों से इस्तीफा देने के बाद इन नेताओं ने आरोप लगाया कि उन्हें प्रदेश कांग्रेस नेतृत्व के शत्रुतापूर्ण रवैये के चलते यह कदम उठाना पड़ा. उन्होंने प्रदेश कांग्रेस कमेटी के अध्यक्ष गुलाम अहमद मीर पर निशाना साधा है. सूत्रों ने यह भी बताया कि पूर्व उप मुख्यमंत्री तारा चंद समेत आजाद के करीब कुछ अन्य नेताओं ने इस्तीफा देने वाले नेताओं से दूरी बना ली है.

इन नेताओं ने अपने इस्तीफे में कहा कि उन्होंने अपने मुद्दों की तरफ पार्टी आलाकमान का ध्यान खींचने की कोशिश की, लेकिन उन्हें समय नहीं दिया गया. इन नेताओं का कहना है कि वे पिछले करीब एक साल से पार्टी नेतृत्व से मिलने का समय मांग रहे थे, लेकिन उन्हें वक्त नहीं दिया गया.

पार्टी का हालत बहुत खराब

मीर पर निशाना साधते हुए उन्होंने कहा कि मीर के अध्यक्ष रहते पार्टी बहुत ही दयनीय स्थिति की तरफ बढ़ रही है और पार्टी के बहुत सारे नेता इस्तीफा देकर दूसरे दलों में शामिल हो गए, लेकिन कुछ ने खामोश रहने का फैसला किया है. उन्होंने यह आरोप भी लगाया कि जम्मू-कश्मीर प्रदेश कांग्रेस के कामकाज पर कुछ नेताओं पे कब्जा जमा रखा है.

सूत्रों ने बताया कि कांग्रेस आलाकमान ने पहले ही साफ कर दिया था कि किसी भी चिंता का निदान पार्टी की व्यवस्था के तहत किया जाएगा और मीडिया के जरिए कुछ नहीं होगा. कांग्रेस के एक वरिष्ठ नेता ने कहा कि इन नेताओं के खिलाफ अनुशासनात्मक कार्रवाई हो सकती है क्योंकि उन्होंने पार्टी आलाकमान पर निशाना साधा है.

(भाषा के इनपुट के साथ)



BellyDancingCourse Banner

Source link

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *