उन्नाव में 20 कर्मियों पर गिरी गाज, जिला सहकारी बैंक में पांच साल पहले हुई भर्ती निरस्त


उन्नाव: अनियमित तरीके से भर्ती किए गए सहकारी बैंक (Coperative Bank Unnao) के 20 कर्मियों की कोर्ट के आदेश के बाद सेवा समाप्त कर दी गई है. पांच वर्ष पहले इनकी भर्ती सहयोगी गार्ड के पद पर हुई थी. भर्ती में धांधली का आरोप लगाकर हाईकोर्ट में वाद दायर किया गया था. कोर्ट के आदेश के बाद जिला सहकारी बैंक के सचिव ने 20 कर्मियों को सेवा से हटा दिया. 

सपा सरकार में हुई थी नियुक्ति
बता दें, तत्कालीन सपा सरकार के कार्यकाल के दौरान वर्ष 2016 में जिला सहकारी बैंक में सहयोगी गार्ड के पद पर 20 कर्मियों की नियुक्ति की गई थी. इनकी नियुक्ति के बाद भर्ती प्रक्रिया में धांधली का आरोप लगा कर यहां के रजत तिवारी और राज किशोर ने उच्च न्यायालय में वाद दायर किया था. उच्च न्यायालय की लखनऊ खंड पीठ ने भर्ती को निरस्त करने का आदेश दिया था. 

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जिला सहकारी बैंक के सचिव व मुख्य कार्यपालक अधिकारी संजय पांडेय ने जिसके बाद वर्ग चार के 20 कर्मियों की सेवा समाप्ति का आदेश जारी किया है. बता दें, इसमें से एक कर्मी की मृत्यु पहले ही हो चुकी है. 20 सितंबर 2016 में 20 पदों पर भर्ती के लिए विज्ञापन निकाला गया था. इसके सापेक्ष वर्ग चार के 20 कर्मियों की नियुक्ति की गई थी. जिससे क्षुब्द होकर असफल अभ्यार्थियों ने हाइकोर्ट में वाद दायर किया था. 

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वाद की सुनवाई हुई और कोर्ट ने निर्णय दिया की जो भर्ती हुई थी वह पारदर्शी नहीं हैं और अवैधानिक तरीके से यह भर्ती हुई थी. जिसके बाद इन भर्तियों को निरस्त कर दिया गया है. 

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